वैश्विक दिव्यांगता पुनर्वास पर विनर्स संस्थान द्वारा वेबीनार का आयोजन
जोधपुर । विनर्स एजुकेशन सोसाइटी के तहत आयोजित वेबीनार में विशेष शिक्षा, दिव्यांगता पुनर्वास, और समावेशी शिक्षा पर विचार-विमर्श किया गया। इस वेबीनार का आयोजन मारवाड़ विनर्स विशेष शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय द्वारा भारतीय पुनर्वास परिषद के सहयोग से किया गया।
वैश्विक दिव्यांगता, पुनर्वास और विशेष शिक्षा पर आधारित इस अकादमिक समागम में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। वेबीनार के पहले सत्र में प्रमुख वक्ता, प्रो. डॉ. सत्यनारायण ने दिव्यांगता और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नीतियों की चुनौती और उनके क्रियान्वयन पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि “दिव्यांगों के लिए समान अवसरों का अधिकार उनके संवैधानिक अधिकार के रूप में पहचाना गया है।”
दूसरे सत्र में मानसिक विमंदता और पुनर्वास के विशेषज्ञ, डॉ. महेंद्र कुमार ने तकनीकी नवाचारों और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर चर्चा की। उन्होंने मानसिक विमंदित व्यक्तियों के लिए मनोवैज्ञानिक अनुसंधान के नए दिशा-निर्देशों पर प्रकाश डाला।
मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर और शिक्षाविद्, डॉ. बी एल जाखड़ ने स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के माध्यम से दिव्यांगों के पुनर्वास के लिए किए गए नवाचारों के बारे में अपने विचार साझा किए।
सुमित्रा चौधरी ने शिक्षक और फिजियोथैरेपिस्ट के पेशेवर दृष्टिकोण से दिव्यांग लोगों के उपचार और चिकित्सा उपायों पर चर्चा की। डॉ. गणपत राम ने विशेष शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान सरकार द्वारा किए गए संस्थागत प्रयासों और समाज कल्याण विभाग के कार्यों की जानकारी दी।
शंका समाधान सत्र में, विभिन्न सहभागियों ने विशेष शिक्षा से संबंधित अपने प्रश्न पैनल के समक्ष प्रस्तुत किए, जिनका समाधान विषय विशेषज्ञों ने किया।
समापन सत्र में वेबीनार समन्वयक और महाविद्यालय प्राचार्य सीमा ने सभी अकादमिक सत्रों का समेकित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसे भारतीय पुनर्वास परिषद नई दिल्ली को भेजा जाएगा।
इस वेबीनार का उद्देश्य दिव्यांगता के क्षेत्र में सुधार, समावेशी शिक्षा की दिशा में किए गए प्रयासों, और दिव्यांगों के अधिकारों के प्रति समाज की जागरूकता बढ़ाना था।


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