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राजस्थान में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 में 78% मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 9,000 से अधिक बूथों पर 100% कार्य संपन्न

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जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)–2026 का कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है। 4 नवम्बर से प्रारंभ हुए इस अभियान में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का संग्रहण, सत्यापन और डिजिटाइजेशन का कार्य निरंतर जारी है। अब तक राज्य में 78% मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जिससे यह प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो गई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in पर ‘Search by Elector Details’ सुविधा की शुरुआत के बाद, प्रदेश में मतदाताओं की मैपिंग में उल्लेखनीय तेजी आई है। पिछले 9 दिनों में यह 70% से बढ़कर 78% हो गई है। महाजन ने बताया कि इस डिजिटल पहल से प्रदेश के 78% मतदाता अब बिना किसी दस्तावेज के अपने नाम की पुष्टि कर सकेंगे, और आगामी लक्ष्य 85% तक पहुँचाने का रखा गया है।

88% गणना प्रपत्र डिजिटलाइज किए गए

प्रदेशभर में 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 गणना प्रपत्रों में से 4 करोड़ 80 लाख से अधिक प्रपत्रों को ईसीआई-नेट पर अपलोड कर दिया गया है, जो निर्धारित समय सीमा से 7 दिन पहले 88% प्रगति दर्शाता है। यह सफलता जिला स्तर पर निरंतर निगरानी, तकनीकी दक्षता और समर्पित टीमवर्क का परिणाम है।

100% कार्य पूर्ण करने वाले 9,000 बूथ

प्रदेश के 9,000 से अधिक पोलिंग बूथों पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा 100% कार्य पूरा कर लिया गया है। समय पर कार्य पूरा करने वाले लगभग 2,500 BLO को सम्मानित भी किया गया है। इसके अलावा, एसआईआर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 26 निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (ERO) को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। बाड़मेर जिले ने न केवल डिजिटलीकरण में अव्वल स्थान प्राप्त किया, बल्कि यहां के सभी 4 ERO भी सम्मानित हुए हैं।

आगे का रोडमैप

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे डिजिटलीकरण कार्य को प्राथमिकता देते हुए इसे जल्द से जल्द पूरा करें और कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि “मैपिंग को शत-प्रतिशत सटीकता के साथ पूरा करना हमारी प्राथमिकता है।”

राज्य निर्वाचन आयोग का यह अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आगामी चुनावों में मतदाताओं को अधिक सुविधा और आसानी होगी।

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