बावड़ी। पालड़ी राणावता ग्राम में राजपूत समाज की ओर से आयोजित बहन-बेटी मिलन समारोह में एक दुसरे से मिलकर झलका अपनेपन का प्रेम के साथ सामुहिक मंगल गीत गा कर यादगार बन गये । यह समारोह समाज में नई परंपरा और आपसी रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ गांव से निकाले गए भव्य जुलूस के साथ हुआ। समाज की बहन-बेटियाँ पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी शामिल हुईं, वहीं समाजबंधुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया।
जुलूस गाजे-बाजे के साथ गांव की मुख्य गलियों से होते हुए नागणेच्या माता मंदिर पहुँचा। मंदिर परिसर में समाजबंधुओं ने सामूहिक रूप से आरती कर प्रसादी का आयोजन किया। पूरे आयोजन के दौरान आपसी सौहार्द, सम्मान और संस्कृति की झलक देखने को मिली। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, प्रेम और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं।
समारोह के दौरान महिलाओं की भूमिका और समाज में उनकी बढ़ती भागीदारी पर विशेष चर्चा की गई। समाजसेवी कर्णसिंह राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि यह बहन-बेटी मिलन समारोह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की अहमियत को समझने और रिश्तों को सहेजने की सीख देने वाला उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है और आपसी रिश्ते और भी प्रगाढ़ होते हैं।
अंत में प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। ग्रामवासी एवं समाजबंधुओं ने ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया ताकि समाज में एकता, समानता और महिला सशक्तिकरण की भावना को और अधिक बल मिल सके


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