सुनवाई नही हई तो लगाया डेरा, फ्लाईओवर को बनाया अपना छत
जयपुर | जैसलमेर से 24 अक्टूमबर निकल कर 26 को जयपुर अपनी चौपहिया स्कूटी पर पहुंचकर अपनी तृतीय श्रेणी शिक्षिका दिव्यांग पत्नी के स्थानांतरण की गुहार लगाने दिव्यांग अनु रंगा 02 नवंबर को मुख्यमंत्री से मिले और उन्हें अपनी दिव्यांग शिक्षिका पत्नी को बांसवाड़ा से जैसलमेर के किसी विद्यालय मै स्थानांतरण या राज्यादेश करने की गुहार लगाई,रंगा ने अपनी 13 महीने की बच्ची का भी जिक्र किया।
रंगा 26अक्टूबर की शाम को अपने साथी के साथ जयपुर पहुंचे थे । और 27 तारिक की सुबह से ही अपना डेरा सिविल लाइन स्थित मुख्य मंत्री निवास के बाहर सड़क पर और रात्रि को मुख्यमंत्री निवास के बेरीकेट की परिधि के बाहर निर्माणाधीन पुल को अपना घर बना लिया है ।
रंगा सिविल लाइन मै ही मुख्यमंत्री निवास और शिक्षा मंत्री निवास के पास ही पुल के नीचे चाय की दुकान के पास ही अपना डेरा डाल रखा है ।
रंगा ने बताया कि मेरी मांग जायज माग है और जब तक मेरी को नहीं सुना जाएगा तब तक मै अपना डेरा डाले रखूंगा और फिर भी राजस्थान सरकार ना माने तो मै अपनी गुहार केंद्र सरकार के पास अपनी चौपहिया स्कूटी पर दिल्ली जाकर लगाऊंगा


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