सैंकड़ो की संख्या में गोभक्तों ने की गोमाता की पूजा-अर्चना, लिया आशीर्वाद
जोधपुर। दीपावली के बाद आने वाली कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की ही अष्टमी पर गोपाष्टमी पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया इस दौरान गाय बछड़ों की पूजा की गई उन्हें मिठाई व फलों का भोग लगाया गया धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि पर जगत के पालनहार भगवान श्री कृष्ण ने गोचरण शुरू किया था इसलिए इस स्थिति पर गोपाष्टमी का त्यौहार मनाया जाता हैगोपाष्टमी के दिन गाय व बछड़ों की उपासना की जाती है, हिन्दु धर्म की मान्यताओं के अनुसार इस दिन गाय की पूजा करने से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। इस दिन गौमाता की परिक्रमा करने से आपको मनवांछित फल प्राप्त होगें, उनके चरण रज को माथे पर लगाने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। जयपुर-पाली बाईपास स्थित विश्व स्तरीय गो चिकित्सालय, ग्राम रलावास, जिला जोधपुर के अध्यक्ष कालुराम प्रजापत ने बताया की गोपाष्टमी पर्व पर गो चिकित्सालय के कर्मचारी व गोभक्तों की उपस्थिति में पं. गोरीशंकर पारीक ने गोमाता की मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा अर्चना की, गोभक्तों ने गोमाता के तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर, महाआरती बोलकर गोपाष्टमी का पर्व बड़ी धुमधाम से मनाया।
आरती के पश्चात सभी गोभक्तों ने गोमाता के गीतों पर नृत्य किया व अपने घर में सुख, शान्ति,समृद्धि व लक्ष्मी की वृद्धि हेतु गोमाता से कामना की।
गोपाष्टमी के अवसर पर श्री हिन्दु लखारा समाज, श्री बाबा रामदेव सेवा समिति, जोधपुर द्वारा पीड़ित गोवंश हितार्थ 1 पिकअप सुखा चारा भेंट किया। श्रवण चौहान,देवीसिंह गहलोत द्वारा 2 कढ़ाई दलिया,रामगोपाल डीडवानीया द्वारा 1 कढ़ाई लापसी व हरा चारा डलवाया। गोपाष्टमी पर्व पर पीड़ित गोवंष के दर्षनार्थ आये गोभक्तों ने सातधान से तुलादान भी करवाकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इस दौरान जोधपुर शहर से अभिषेक परिहार, हितेश, मेघराज, घनश्याम लखारा, निर्मला गहलोत, अनिता चौहान व अनेक गोभक्त रहे मौजूद


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