तीन माह बाद दिल्ली हाई कोर्ट से वापसी, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश शर्मा ने दिलाई शपथ
जोधपुर | दिल्ली हाई कोर्ट से ट्रांसफर होकर आए जस्टिस अरुण कुमार मोंगा ने बुधवार को राजस्थान हाई कोर्ट की मुख्य पीठ में शपथ ग्रहण की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने आयोजित समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई उनके स्थानांतरण के साथ ही अब राजस्थान हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 40 हो गई है यह जस्टिस मोंगा की राजस्थान हाई कोर्ट में दूसरी पारी है न्यायाधीश मोगा मूलत पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट से राजस्थान हाई कोर्ट आए थे कुछ समय पहले ही उनका दिल्ली हाई कोर्ट में तबादला हुआ था अब उन्हें दोबारा राजस्थान भेजा गया है
शपथ ग्रहण समारोह में जोधपुर मुख्य पीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश डॉक्टर पुष्पेंद्र सिंह भाटी, न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर, न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग, न्यायाधीश मुन्नुरी लक्ष्मण, न्यायाधीश फरजंद अली, न्यायाधीश रेखा बोराणा, न्यायाधीश कुलदीप माथुर, न्यायाधीश डॉक्टर नूपुर भाटी, न्यायाधीश योगेंद्र कुमार पुरोहित, न्यायाधीश चंद्रशेखर शर्मा, न्यायाधीश सुनील बेनीवाल, न्यायाधीश मुकेश राजपुरोहित, न्यायाधीश संदीप शाह, न्यायाधीश अनुरूप सिंघवी, न्यायाधीश संगीता शर्मा उपस्थित रही वहीं जयपुर पीठ के सभी न्यायाधीश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह से जुड़े
3 माह पहले ही दिल्ली गए थे
वर्ष 1991 में उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में प्रथम पीढ़ी के वकील के रूप में वकालत शुरू की थी वर्ष 1997 में उन्होंने दिल्ली में वकालत शुरू की और लगभग 20 वर्षों तक वही प्रैक्टिस की अक्टूबर 2018 में उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई गई जस्टिस मोंगा का 1 नवंबर 2023 को पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट से राजस्थान हाई कोर्ट में ट्रांसफर हुए थे और यहां करीब 8 महीने तक सेवाएं दी इसके बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर जुलाई 2025 में उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया 21 जुलाई को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट में छह अन्य न्यायाधीशों के साथ शपथ ली थी जस्टिस मोंगा राजस्थान हाई कोर्ट में वापसी से यहां की न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी उनका अनुभव और विभिन्न उच्च न्यायालय में काम करने का तजुर्बा राजस्थान हाई कोर्ट के लिए लाभदायक होगा मात्र तीन माह के भीतर ही उन्हें पुन: दिल्ली से राजस्थान हाई कोर्ट में स्थानांतरित किया गया है
पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक हुए न्यायाधीश मोंगा
न्यायाधीश अरुण मोगा का जन्म 21 दिसंबर 1968 को हुआ उनकी स्कूली शिक्षा पंजाब में हुई जहां उनके पिता न्यायिक अधिकारी रहे और सुपीरियर ज्यूडिशल सर्विसेज से सेवानिवृत हुए उन्होंने डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ से प्रथम श्रेणी में बीएससी की उपाधि प्राप्त की और कॉलेज कलर से सम्मानित हुए इसके बाद पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से प्रथम श्रेणी में विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की विधि की पढ़ाई के दौरान वे चंडीगढ़ के एक स्कूल में रसायन विज्ञान पढ़ते भी रहे


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