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नई दिल्ली/जोधपुर:
3 मार्च 2026 को भारत में साल का पहला चंद्र ग्रहण (चंद्र ग्रहण 2026) दिखाई देगा। यह खगोलीय घटना उस समय घटित होगी जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आकर अपनी छाया चंद्रमा पर डालेगी। खास बात यह है कि उत्तर-पूर्व भारत में यह ग्रहण सबसे स्पष्ट और पूर्ण रूप से देखा जा सकेगा।
🌒 ग्रहण का समय (IST के अनुसार)
- उपछाया (Penumbral) चरण शुरू: शाम 4:58 बजे
- पूर्ण छाया (Umbra) चरण: लगभग 5:32 बजे तक
- उपछाया चरण समाप्त: शाम 7:53 बजे
- कुल अवधि: लगभग 3 घंटे 27 मिनट
भारत के अधिकांश हिस्सों में चंद्रमा उदय होते समय आंशिक रूप से ग्रहणग्रस्त रहेगा, इसलिए लोग सूर्यास्त के बाद इसका नजारा देख सकेंगे।
🌕 उत्तर-पूर्व भारत में मिलेगा सबसे बेहतरीन दृश्य



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उत्तर-पूर्वी राज्यों में ग्रहण का 100% दृश्य दिखाई देगा। खास तौर पर:
- डिब्रूगढ़ (असम) – अधिकतम ग्रहण लगभग 5:11 बजे
- गुवाहाटी (असम) – अधिकतम ग्रहण लगभग 5:25 बजे
- ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) – अधिकतम ग्रहण लगभग 5:17 बजे
इन शहरों में लगभग 3 घंटे 27 मिनट तक ग्रहण का विस्तृत दृश्य देखने को मिलेगा।
🌌 क्या होता है चंद्र ग्रहण?
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई देता है, जिसे अक्सर “ब्लड मून” भी कहा जाता है।
यह एक प्राकृतिक और सुरक्षित खगोलीय घटना है, जिसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है।
🔭 क्या चाहिए विशेष उपकरण?
- चंद्र ग्रहण देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती।
- आप इसे खुली आंखों से सुरक्षित रूप से देख सकते हैं।
- बेहतर अनुभव के लिए दूरबीन (Binoculars) का उपयोग किया जा सकता है।
- बस साफ आसमान और खुला क्षितिज होना चाहिए।
📅 क्यों है यह खास?
3 मार्च 2026 का यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देने वाला साल का पहला ग्रहण होगा। सूर्यास्त के समय लगभग 20 मिनट तक चंद्रमा पर पृथ्वी की स्पष्ट छाया देखी जा सकेगी, जो इसे और भी आकर्षक बनाती है।
👉 क्या करें?
- 3 मार्च 2026 की तारीख अभी से कैलेंडर में नोट कर लें।
- सूर्यास्त के समय खुले स्थान पर जाएं।
- साफ आसमान की स्थिति में इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें।
यह एक ऐसा अवसर है, जिसे खगोल प्रेमी ही नहीं बल्कि आम लोग भी आसानी से देख सकते हैं। 🌕

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