वीपीएन और टेलीग्राम के जरिए देशभर के अभ्यर्थियों को बना रहा था निशाना, डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर बड़े नेटवर्क की जांच शुरू
जयपुर/भीलवाड़ा। री-नीट परीक्षा के नाम पर फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का राजस्थान पुलिस ने पर्दाफाश किया है। प्रताप नगर थाना पुलिस ने मामले में आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 22 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देशन में की गई। पुलिस ने सूचना के आधार पर आरोपी के भीलवाड़ा स्थित ठिकाने पर छापा मारकर उसे हिरासत में लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी री-नीट परीक्षा का कथित प्रश्नपत्र और उसके उत्तर उपलब्ध कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से संपर्क करता था और उनसे मोटी रकम वसूलने की कोशिश कर रहा था।
वीपीएन और टेलीग्राम के जरिए छिपा रहा था पहचान
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन (VPN) और प्रॉक्सी टेलीग्राम नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा था। विदेशी सर्वरों के माध्यम से संचालित टेलीग्राम चैनलों पर परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और चयन की गारंटी जैसे भ्रामक दावे किए जा रहे थे। इन माध्यमों से देशभर के प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों को जाल में फंसाने का प्रयास किया जा रहा था।
मोबाइल और लैपटॉप से मिले अहम डिजिटल साक्ष्य
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में इन उपकरणों से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब साइबर विशेषज्ञों की मदद से डेटा का विश्लेषण कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कितने अभ्यर्थी इसके शिकार बने हैं।
कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की आशंका
पुलिस को आशंका है कि यह रैकेट केवल भीलवाड़ा या राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका नेटवर्क अन्य राज्यों में भी फैला हो सकता है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से आर्थिक लेन-देन, सहयोगियों, टेलीग्राम चैनलों के संचालन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
युवाओं के भविष्य से कर रहा था खिलवाड़
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की सफलता की चाह का फायदा उठाकर उन्हें गुमराह कर रहा था। फर्जी प्रश्नपत्र और चयन की गारंटी का लालच देकर वह अभ्यर्थियों से ठगी की साजिश रच रहा था। समय रहते पुलिस की कार्रवाई से कई अभ्यर्थी इस धोखाधड़ी का शिकार होने से बच गए।

पुलिस की अपील
प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच जारी है और फर्जी पेपर रैकेट से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की है कि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या टेलीग्राम चैनल पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने अथवा चयन की गारंटी देने वाले दावों पर विश्वास न करें। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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