बिहार में सत्ता परिवर्तन की तैयारी तेज: एक सप्ताह में नई सरकार संभव, शपथ से इस्तीफे तक पूरी टाइमलाइन सामने
बिहार की राजनीति में अगले एक सप्ताह के भीतर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर भी स्पष्ट टाइमलाइन सामने आ रही है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि 10 अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच घटनाओं की एक श्रृंखला के बाद बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है।

मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री Nitish Kumar 9 अप्रैल को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। यह शपथ समारोह राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद बिहार की सत्ता में बदलाव की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि 10 अप्रैल को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में उस दिन केवल नीतीश कुमार ही राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। अन्य निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण बाद की तारीख में होगा। जानकारी के अनुसार, Nitin Nabin, Ramnath Thakur और Upendra Kushwaha का शपथ ग्रहण 16 अप्रैल को प्रस्तावित है।
राज्यसभा की शपथ लेने के बाद 11 अप्रैल को नीतीश कुमार के पटना लौटने की संभावना है। उनके पटना लौटते ही राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इसी दिन एनडीए विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई जा सकती है। इस बैठक में नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद छोड़ने की औपचारिक जानकारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद वे अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपेंगे। इस घटनाक्रम के साथ ही बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना है। हालांकि, नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन एनडीए के भीतर इस पर मंथन तेज हो गया है। नई सरकार के गठन को लेकर सभी सहयोगी दलों के बीच लगातार चर्चा जारी है।

इधर, 10 अप्रैल को दिल्ली में बिहार भाजपा की एक अहम बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। इस बैठक में देश के शीर्ष नेतृत्व के शामिल होने की भी चर्चा है। माना जा रहा है कि इस बैठक में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। बैठक में Narendra Modi और Amit Shah के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ जाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि तय कार्यक्रम के अनुसार घटनाएं होती हैं, तो बिहार में एक सप्ताह के भीतर सत्ता परिवर्तन की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है। फिलहाल सभी की नजरें 10 अप्रैल से शुरू होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं, जो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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