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सोनाली बेंद्रे ने सोनी सब के ‘इत्ती सी खुशी’ की सराहना की, सुम्बुल तौकीर ने इसे सच्ची कहानी कहने की जीत बताया – आईटीए 2025 में ‘बेस्ट शो – ड्रामा’ का अवार्ड जीता

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मुंबई । सोनी सब का चर्चित पारिवारिक ड्रामा शो ‘इत्ती सी खुशी’ ने इंडियन टेलीविजन अकादमी (आईटीए) अवॉर्ड्स 2025 में ‘बेस्ट शो – ड्रामा’ का प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता। इस पुरस्कार ने न केवल शो की शानदार सफलता को मान्यता दी, बल्कि शो की क्रिएटिव टीम और कलाकारों के समर्पण और मेहनत को भी सराहा गया।

सुम्बुल तौकीर ने इसे सच्ची कहानी कहने की जीत बताया

‘इत्ती सी खुशी’ शो में मुख्य किरदार अन्विता का रोल निभा रही सुम्बुल तौकीर खान ने अवॉर्ड जीतने पर अपनी खुशी और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह शो एक ऐसी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कही गई कहानी है, जो दर्शकों के दिल को छू जाती है। इस अवॉर्ड से शो के निर्माण में शामिल हर अभिनेता, लेखक और तकनीशियन की मेहनत की पहचान हो रही है। मैं सोनी सब और हमारे दर्शकों का दिल से आभार व्यक्त करती हूं।”

सोनाली बेंद्रे ने टीम की सराहना की

अवॉर्ड जीतने के बाद, अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने इंस्टाग्राम पर शो की टीम को बधाई दी। उन्होंने लिखा, “@goldiebehl और पूरी ‘इत्ती सी खुशी’ टीम पर बहुत गर्व है 🤍। यह अवॉर्ड शो के पीछे की भावना और मेहनत का सच्चा जश्न मनाता है ✨।” सोनाली ने इस शो की सरलता और सच्चाई की सराहना की, जो दर्शकों के दिलों में गहरे तक उतरी है।

शो की कहानी: भावनाओं और रिश्तों का सच्चा चित्रण

‘इत्ती सी खुशी’ एक परिवार की जटिलताओं और उनके जीवन के छोटे-छोटे खुशियों के पलों को बखूबी पेश करता है। यह शो पारिवारिक रिश्तों, प्यार, नुकसान और अनकही तनातनियों के बीच के सच्चे रिश्तों की गहराई को दिखाता है। शो में वयोवृद्ध कलाकारों जैसे वरुण बडोला, रजत वर्मा और ऋषि सक्सेना ने अहम भूमिका निभाई है, और इसने दर्शकों को सरल और सच्चे रिश्तों के पलों में खो जाने का मौका दिया है।

आईटीए 2025 की जीत – एक और कदम सोनी सब की दिशा में

‘इत्ती सी खुशी’ की यह अवार्ड जीत सोनी सब के लिए एक बड़ी सफलता है और यह चैनल की प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है कि वे हमेशा सच्ची, भावनात्मक और किरदार-आधारित कहानियों को प्रमुखता देते हैं। यह शो दर्शकों को न केवल कहानी के साथ जोड़े रखता है, बल्कि उन्हें जीवन के उन छोटे-छोटे लेकिन खास पलों की अहमियत भी समझाता है, जो कहीं न कहीं हमारे आसपास होते हैं।

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