खैरथल-तिजारा | निरामय राजस्थान के तहत बच्चों के लिए “Healthy and Safe Eating for Childhood Month” अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ग्राम डोटाना, तिजारा में मिलावटी मिठाई बनाने वाले दो बड़े गोदामों को सील कर दिया। ये गोदाम कलाकंद और मिल्क केक के नाम पर मिलावटी मिठाइयां तैयार कर रहे थे, जिन्हें बाजार में ₹450-₹500 प्रति किलो के भाव से बेचा जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त, राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार यह अभियान पूरे जिले में शुरू किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में स्वस्थ आहार की आदतों को बढ़ावा देना और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देशित किया कि बच्चों द्वारा सामान्य रूप से खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों का सघन निरीक्षण और नमूनीकरण किया जाए, जिनमें शिशु आहार, चॉकलेट, रंगीन खाद्य पदार्थ, सॉफ्ट ड्रिंक, बेबी फूड, चाइनीज फूड, पानी पुरी, पाव भाजी आदि शामिल हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि विभाग की टीम ने ग्राम डोटाना में स्थित दो गोदामों—मैसर्स बरकत पुत्र अलादीन (ग्राम फुलावास) और मैसर्स शाकीर पुत्र अलादीन (ग्राम डोटाना)—पर छापेमारी की। गोदामों में भारी मात्रा में मिल्क पाउडर, रिफाइंड ऑयल के पीपे, पाम ऑयल, एसएनएफ पाउडर जैसी सामग्री पाई गई, जिनसे मिलावटी मिठाई तैयार की जाती थी। टीम ने मौके से इन सामग्रियों के नमूने लिए और शेष सामान जब्त किया। जांच में यह भी पाया गया कि दोनों निर्माताओं के पास खाद्य लाइसेंस नहीं था, जिसके चलते खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत गोदामों को सील कर दिया गया।
इसके अलावा, कार्रवाई के दौरान कस्बा खैरथल स्थित मैसर्स बल्लभगढ़ कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन लिमिटेड पर भी निरीक्षण किया गया। यहां से मिश्रित दूध का सैंपल लिया गया और डेयरी में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस अभियान को और भी तेज करने की योजना बनाई है ताकि खाद्य पदार्थों में मिलावट और अव्यवस्था से बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सके। इस अभियान को लेकर स्थानीय जनता में उत्साह और समर्थन की लहर है।


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