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राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष-2 साल: नव उत्थान-नई पहचान, बढ़ता राजस्थान

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केंद्र की योजनाओं का राजस्थान को मिल रहा दोगुना लाभ,केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ राजस्थान को दोगुनी दक्षता से मिल रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच मजबूत प्रशासनिक समन्वय और सहयोग के कारण राज्य नवीकरणीय ऊर्जा, पीएम कुसुम, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं में तेजी से प्रगति कर रहा है।

आमजन बन रहा ऊर्जादाता—
राजस्थान ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1.09 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 441 मेगावाट है। इसी प्रकार, पीएम कुसुम योजना के तहत पिछले दो वर्षों में राज्य ने 2460 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं को धरातल पर उतारा है। इससे 1.54 लाख किसानों को दिन में बिजली मिल रही है, और प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता का एक नया युग शुरू हुआ है।

मरुधरा में नवीन जल क्रांति का आगाज—
राज्य में जल प्रबंधन के क्षेत्र में रामजल सेतु लिंक परियोजना ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है। 26 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए गए हैं, जिससे राज्य सिंचाई और पेयजल में आत्मनिर्भर बन सकेगा। जल जीवन मिशन के तहत राज्य के 13 लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल कनेक्शन दिए गए हैं, जिन पर 10,482 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

मुफ्त इलाज से लाखों मरीज आयुष्मान—
राज्य में आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में जबरदस्त सफलता हासिल हुई है। इस योजना के तहत राज्य में 30.68 लाख से अधिक मरीजों को 6 हजार करोड़ रुपये का लाभ मिला है। यह योजना गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान करने में सहायक बनी है।

7 लाख लोगों के पक्के घर का सपना हुआ साकार—
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राजस्थान में 2.06 लाख पक्के आवासों का निर्माण हुआ है, और 7.61 लाख आवासों को स्वीकृति दी गई है। इस योजना से लाखों प्रदेशवासियों का पक्के आवास का सपना पूरा हो रहा है।

महिला सशक्तीकरण में पेश की नई मिशाल—
केंद्र सरकार की महिला कल्याण योजनाओं से प्रदेश के सामाजिक ढांचे में सकारात्मक बदलाव आया है। पीएम मातृ वंदना योजना से 9.92 लाख महिलाओं को 531 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई है। लखपति दीदी योजना के तहत 19.45 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया, और 12.06 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं।

जनजातीय क्षेत्रों में बह रही विकास की धारा—
जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को गति दी गई है। इस अभियान के तहत 6019 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका से संबंधित योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है। इस अभियान में राज्य ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

रोजगार के साथ-साथ श्रमिक परिवारों का भी हो रहा कल्याण—
राज्य में श्रमिकों के कल्याण और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ई-श्रम पोर्टल पर 17.41 लाख श्रमिकों का पंजीकरण किया गया, और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत 24 हजार 191 श्रमिकों का पंजीयन हुआ। इसके साथ-साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत 87 हजार से अधिक छोटे व्यापारियों को ऋण स्वीकृत किया गया है।

अन्नदाता डबल सम्मान, पात्र परिवारों का खाद्य सुरक्षा में जुड़ा नाम—
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से राज्य के 76.18 लाख किसानों को 8 हजार 359 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है, जिससे उनकी कृषि कार्यों में सहायता मिल रही है। इसके अलावा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 70.17 लाख योग्य व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।

निवेश में सिरमौर बन रहा राजस्थान—
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए राईजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया, जिससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ। इसके परिणामस्वरूप, केंद्रीय उपक्रमों के साथ 2.61 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के नए अवसर प्रदान करेंगे।

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