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“मुझे इम्तियाज़ सर को सुनकर हिप्नोटाइज़ जैसा लगता था”: संजना सांघी ने याद किए रॉकस्टार के दिन

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मुंबई । मशहूर फिल्ममेकर इम्तियाज़ अली की कल्ट फिल्म रॉकस्टार के सेट पर बिताए गए संजना सांघी के यादगार पल आज भी उनके दिल में ताजे हैं। संजना, जो उस समय केवल 13 साल की थीं, फिल्म के सेट पर अपने शुरुआती अनुभवों को साझा करते हुए कहती हैं, “जब इम्तियाज़ सर किसी सीन की ब्रीफिंग देते थे, तो मुझे ऐसा लगता था जैसे मैं हिप्नोटाइज़ हो रही हूं।”

रॉकस्टार की शूटिंग के दौरान के एक सीन का जिक्र करते हुए संजना ने कहा कि फिल्म के क्लाइमेक्स सीन में रणबीर कपूर (जॉर्डन) और वह एक अस्पताल के कमरे में इंतजार कर रहे थे। यह सीन दिल्ली के करोल बाग में स्थित एक हॉस्पिटल में शूट किया गया था। संजना ने कहा, “तभी इम्तियाज़ सर ने हमें धक्का दिया और कहा, ‘अब परफॉर्म करो!’ यह एक ऐसा पल था जो हम कभी नहीं भूल सकते।”

इम्तियाज़ अली ने भी इस दौरान एक मजेदार किस्सा साझा किया। उन्होंने कहा, “मुझे याद है, एक दिन मैं संजना को सीन समझा रहा था, और उसने मुझसे कहा, ‘नहीं सर, मुझे लगता है कि इसे कुछ और तरीके से करना चाहिए।’ तब रणबीर ने भी कहा, ‘सर, ये सही कह रही है!’ उस पल मुझे पूरे क्रू के सामने थोड़ी शर्मिंदगी महसूस हुई थी, लेकिन अब उस लम्हे को याद करके हंसी आती है।”

इस खास फैन मीट के दौरान, इम्तियाज़ और संजना ने रॉकस्टार की यादें ताजा कीं, फिल्म के बेहतरीन संगीत, इरशाद कामिल की शायरी और रणबीर कपूर के अभिनय को सराहा। रॉकस्टार की रिलीज के बाद से यह फिल्म न केवल एक पीढ़ी को बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी जोड़े रखने में सफल रही है।

संजना के लिए, रॉकस्टार उनका वह शुरुआती मोड़ था जिसने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री की जादुई दुनिया में कदम रखने का मौका दिया। इसके बाद, उन्होंने दिल बेचारा में कीज़ी बासु के किरदार के जरिए एक नई पहचान बनाई, जो न सिर्फ एक भावुक कहानी थी बल्कि पॉप संस्कृति का भी हिस्सा बन गई। आज संजना अपने अभिनय के अलावा, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के साथ एक ग्लोबल यूथ एडवोकेट के रूप में भी काम कर रही हैं, और वे युवाओं के अधिकारों और समावेशन के मुद्दों पर वैश्विक मंचों पर अपनी आवाज़ उठा रही हैं।

संजना के आने वाले प्रोजेक्ट्स भी दर्शकों के बीच बहुत उत्सुकता पैदा कर रहे हैं। एक 13 साल की छोटी कलाकार से लेकर एक ग्लोबल यूथ आइकॉन तक, संजना का सफर प्रेरणा देने वाला है और फिल्म इंडस्ट्री से परे, समाज में बदलाव लाने का प्रतीक बन चुका है।

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