विश्व विख्यात 642वें रामदेवरा मेले का रविवार को होगा विधिवत शुभारंभ, मंगला आरती और स्वर्ण मुकुट प्रतिष्ठापन से शुरू होगा आस्था का महासंगम
रामदेवरा। लोकदेवता बाबा रामदेवजी की अवतरण तिथि भादवा शुक्ल पक्ष द्वितीया के अवसर पर विश्व विख्यात अंतरप्रांतीय 642वां बाबा रामदेवरा मेला रविवार, 13 सितंबर से विधिवत शुरू होगा। ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4 बजे बाबा की समाधि पर मंगला आरती एवं स्वर्ण मुकुट प्रतिष्ठापन के साथ मेले का शुभारंभ होगा। मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं मेला प्रशासन ने सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि मेले की व्यवस्थाएं समय रहते शुरू कर दी गई थीं। कानून एवं शांति व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। चिकित्सा, पेयजल, बिजली, सफाई, यातायात और पार्किंग सहित अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू किया गया है। मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए क्लोज सर्किट कैमरे भी लगाए गए हैं।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष कतार व्यवस्था
भादवा शुक्ल द्वितीया के दिन बाबा की समाधि के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए कतार व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें। रामदेवरा मंदिर के निज मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रहेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा मिलेगी।
रामसरोवर तालाब पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां कुशल तैराकों को मोटर बोट के साथ चौबीस घंटे तैनात किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि लाखों जातरुओं की सुरक्षा को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कतार व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सादा वर्दी में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। रामसरोवर तालाब और मेला क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पर्याप्त यातायात पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं।
अलग-अलग पार्किंग स्थल, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था
मेलाधिकारी एवं उपखंड अधिकारी पोकरण हीर सिंह चारण ने बताया कि मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश नियंत्रित किया गया है। बड़ी गाड़ियों, छोटे वाहनों और दुपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। पार्किंग स्थलों पर टेंट और शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में अस्थायी एवं चल शौचालय भी स्थापित किए गए हैं।
पेयजल और बिजली व्यवस्था पर विशेष फोकस
श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलदाय विभाग ने कतार स्थलों पर टोंटियों वाले टैंकर लगाए हैं। स्काउट-गाइड के माध्यम से भी शीतल एवं मीठा पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
विद्युत विभाग ने 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए नए ट्रांसफॉर्मर लगाए हैं। एक ट्रांसफॉर्मर रिजर्व में रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बिजली व्यवस्था बहाल की जा सके। रामसरोवर तालाब पर मास्क लाइट की भी व्यवस्था की गई है।
सात जोन में सफाई व्यवस्था
रामदेवरा में सफाई व्यवस्था को सात जोन में विभाजित किया गया है। पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती कर मेला क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सूचना केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से बिछड़े हुए परिजनों को मिलाने के साथ श्रद्धालुओं को जेबकतरों से सावधान रहने और अपने सामान की सुरक्षा करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
खाद्य पदार्थों की जांच और स्वास्थ्य सेवाएं
मेलार्थियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य पदार्थों के नियमित सैंपल लिए जा रहे हैं। खाद्य निरीक्षकों द्वारा दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। चिकित्सा विभाग की ओर से भी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मेला व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग मेलाधिकारी एवं उपखंड अधिकारी पोकरण हीर सिंह चारण, विकास अधिकारी एवं सहायक मेलाधिकारी महावीर बेनीवाल, सरपंच रामदेवरा समंदर सिंह तंवर, ग्राम विकास अधिकारी चौथाराम सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी कर रहे हैं।
प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए अधिकारी-कर्मचारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

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