India GDP Growth: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ती महंगाई के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में भारत की GDP ग्रोथ 7.8% रही। यह आंकड़ा RBI के 7% के अनुमान से 0.8% ज्यादा है।
केंद्र सरकार के सांख्यिकी विभाग की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की समान तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 6.9% रही थी। यानी इस साल पहली तिमाही में आर्थिक विकास की रफ्तार में सुधार दर्ज किया गया है।

IT, रियल एस्टेट और फाइनेंस सेक्टर का बड़ा योगदान
GDP ग्रोथ में फाइनेंस, रियल एस्टेट, IT और प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर का अहम योगदान रहा। इन क्षेत्रों में 12% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन प्रमुख सेवा क्षेत्रों में मजबूत गतिविधियों का असर अर्थव्यवस्था की कुल विकास दर पर दिखाई दिया। वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता और महंगाई के दबाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी हुई है।
RBI के अनुमान से बेहतर रहा GDP आंकड़ा
भारतीय रिजर्व बैंक ने पहली तिमाही के लिए 7% GDP ग्रोथ का अनुमान लगाया था। लेकिन वास्तविक आंकड़ा 7.8% रहा, जो RBI के अनुमान से काफी बेहतर है।
वहीं, पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 6.9% रही थी। इस तरह सालाना आधार पर भी भारतीय अर्थव्यवस्था ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
पश्चिम एशिया तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों के बीच मजबूत ग्रोथ
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए महंगाई की चुनौती बढ़ती है।
इन परिस्थितियों के बावजूद भारत की GDP ग्रोथ 7.8% रहना अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
PM मोदी बोले- देश के लोगों की ताकत का नतीजा
GDP के आंकड़े सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि दुनिया भर के संकटों और तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत ने पहली तिमाही में 7.8% की GDP ग्रोथ हासिल की है।

PM मोदी ने इसे देश के लोगों की ताकत का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि मंदी की आशंका जताने वाले पीछे छूट गए और भारत ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है।
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्या मायने रखता है 7.8% GDP ग्रोथ?
पहली तिमाही में 7.8% की GDP ग्रोथ से भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत मिलता है। खास तौर पर IT, फाइनेंस, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे सेक्टरों का बेहतर प्रदर्शन आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहा है।
आने वाली तिमाहियों में वैश्विक तनाव, तेल की कीमतें, महंगाई और घरेलू मांग जैसे कारक भारत की आर्थिक विकास दर के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

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