Fruit Plants To Grow In October: घर की बालकनी में लगाएं ये 5 फलदार पौधे
अक्टूबर का महीना बागवानी के शौकीनों के लिए सबसे अनुकूल समय माना जाता है। इस दौरान मानसून की विदाई हो चुकी होती है, मौसम में हल्की ठंडक घुलने लगती है और तेज चिलचिलाती धूप का असर भी कम हो जाता है। यह सुहावना तापमान पौधों की नई जड़ों को तेजी से पनपने में मदद करता है।
अक्सर लोगों को लगता है कि घर पर फल उगाने के लिए बड़े-बड़े खेतों या बहुत बड़े बगीचे की आवश्यकता होती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। यदि आपके पास एक छोटी बालकनी, छत (Terrace) या खुला आंगन है, तो आप बड़े साइज के गमलों या ग्रो-बैग्स में भी कई तरह के फलदार पौधे आसानी से तैयार कर सकते हैं।
अक्टूबर में गमले में लगाने वाले 5 प्रमुख फलदार पौधे
1. पपीता (Papaya)
यदि आप चाहते हैं कि पौधे लगाने के बाद आपको फलों के लिए कई सालों का लंबा इंतजार न करना पड़े, तो पपीता सबसे बेहतरीन विकल्प है। पपीते के बौने किस्म (Dwarf Variety) के पौधे गमले के लिए सबसे सटीक होते हैं।
- लगाने की विधि: कम से कम 18 से 24 इंच गहरे गमले का चुनाव करें।
- धूप व सिंचाई: पपीते को दिनभर में कम से कम 6 से 7 घंटे की सीधी धूप चाहिए। इसकी जड़ों में कभी भी पानी खड़ा नहीं रहना चाहिए, इसलिए गमले में ड्रेनेज होल बहुत अच्छा होना जरूरी है।
- फल आने का समय: सही पोषण और नियमित देखभाल मिलने पर यह पौधा 8 से 10 महीनों में फल देने के लिए तैयार होने लगता है।

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2. अमरूद (Guava)
अमरूद एक बेहद टिकाऊ और कम देखभाल में तेजी से बढ़ने वाला पौधा है। बालकनी गार्डन के लिए ग्राफ्टेड ‘ताइवान पिंक’ या ‘इलाहाबादी सफेदा’ जैसी ड्वार्फ किस्में सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं।
- गमले का आकार: अमरूद की जड़ें गहराई तक जाती हैं, इसलिए इसे शुरुआत से ही 20 से 24 इंच के बड़े ड्रम या गमले में लगाएं।
- देखभाल: अमरूद के पौधे को पूरी धूप पसंद है। समय-समय पर इसकी हल्की छंटाई (Pruning) करते रहने से नई शाखाएं निकलती हैं और फल ज्यादा मात्रा में आते हैं।
3. संतरा या नींबू वर्गीय पौधे (Orange/Citrus)
संतरा, मौसमी और किन्नू जैसे सिट्रस परिवार के पौधे न केवल आपकी बालकनी को हरा-भरा और खुशबूदार बनाते हैं, बल्कि इनपर लगने वाले फल दिखने में भी काफी खूबसूरत लगते हैं।
- मिट्टी व धूप: संतरे के पौधे के लिए भुरभुरी, रेतीली और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी तैयार करें। इसे रोजाना 5 से 6 घंटे की अच्छी धूप मिलनी चाहिए।
- सिंचाई नियम: गमले में पानी तभी डालें जब ऊपर की एक से दो इंच मिट्टी सूखी लगे। अत्यधिक नमी से इसके फूल झड़ सकते हैं।
4. अंजीर (Fig)
अंजीर का पौधा गमले में बहुत ही शानदार तरीके से फलता-फूलता है। अक्टूबर का महीना इसकी कटिंग या ग्राफ्टेड पौधा लगाने के लिए बहुत सही माना जाता है।
- विशेषता: अंजीर के पौधे को बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती। मध्यम ठंड और अच्छी धूप में इसकी ग्रोथ तेजी से होती है।
- फल का विकास: गमले की मिट्टी में पर्याप्त नमी और साल में दो-तीन बार वर्मीकम्पोस्ट देने से पौधा जल्दी फलों से लद जाता है।

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5. बेर (Indian Plum/Jujube)
अगर आप अपने गार्डन में कुछ अनोखा जोड़ना चाहते हैं, तो ‘थाई एप्पल बेर’ की ड्वार्फ वैरायटी को गमले में लगा सकते हैं। बेर का पौधा बेहद सख्त होता है और यह मौसम के बदलावों को आसानी से झेल लेता है।
- धूप की जरूरत: बेर को भरपूर और तीखी धूप की जरूरत होती है। इसे बालकनी के उसी कोने में रखें जहां सबसे ज्यादा धूप आती हो।
- फायदा: यह पौधा तेजी से बढ़ता है और सर्दियों के अंत तक इसमें स्वादिष्ट बेर आने शुरू हो जाते हैं।
गमले में फलदार पौधे लगाने के 4 बुनियादी नियम
- पॉटिंग मिक्स तैयार करना: सामान्य मिट्टी के बजाय 40% सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30% गोबर की पुरानी सड़ी खाद या केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट), 20% कोकोपीट और 10% रेत या परलाइट मिलाएं। इससे मिट्टी हल्की रहेगी और पानी गमले में नहीं रुकेगा।
- सही साइज का गमला: छोटे गमले में फलदार पौधों की जड़ें बंध जाती हैं (Root-bound)। हमेशा 18 से 24 इंच या 50 से 100 लीटर वाले ग्रो-बैग्स का ही उपयोग करें।
- धूप का चयन: फल देने वाले किसी भी पौधे को कम से कम 5 से 7 घंटे की सीधी धूप चाहिए होती है। बालकनी की जिस दिशा में सबसे ज्यादा धूप आती हो, पौधे वहीं रखें।
- खाद और पोषण प्रबंधन: फलों के पौधों को अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है। हर 2 से 3 महीने में गमले की ऊपरी मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें और उसमें 2-3 मुट्ठी वर्मीकम्पोस्ट, नीम खली और थोड़ी सी बोनमील या रॉक फॉस्फेट डालें।
इस अक्टूबर अपने घर की बालकनी को केवल फूलों तक सीमित न रखें; इन 5 फलदार पौधों को शामिल करके घर के बने ताजे और पूरी तरह केमिकल-मुक्त फलों का स्वाद लें।

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