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जोधपुर प्रेम प्रकाश आश्रम में दो दिवसीय विशाल संत सम्मेलन शुरू, संतों ने दिया सत्संग और अहंकार त्याग का संदेश

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चालिया महोत्सव के 31वें दिन अहमदाबाद से पधारे संतों का भव्य स्वागत, 15 से 19 जुलाई तक होंगे धार्मिक एवं सेवा के विशेष आयोजन

जोधपुर। ज्वाला विहार स्थित  झूलेलाल मार्ग पर  प्रेम प्रकाश आश्रम में प्रेम प्रकाश मंडल के संस्थापक स्वामी टेऊराम महाराज के चालिया महोत्सव (40 दिवसीय) के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है। 9 जून से 19 जुलाई तक मनाए जा रहे इस महोत्सव के 31वें दिन दो दिवसीय विशाल संत सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर अहमदाबाद से पहुचे सतगुरु लक्ष्मण एवं संत चित प्रकाश चैतन्य का प्रेम प्रकाश मंडली की ओर से पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। शाम को संतों के सानिध्य में भजन-सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

संत जीतू राम प्रेम प्रकाशी ने बताया कि सम्मेलन के प्रथम दिन संत लक्ष्मण एवं संत चित प्रकाश चैतन्य ने संयुक्त रूप से सत्संग का महत्व बताते हुए कहा कि संतों के संग से दुष्ट प्रवृत्ति वाला व्यक्ति भी सद्मार्ग पर चलने लगता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सच्चा सत्संगी है, उसे कभी अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि अहंकार और सत्संग साथ नहीं चल सकते। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने मन को एकाग्र कर परमात्मा का ध्यान करने, प्रत्येक जीव में ईश्वर का अंश देखने तथा परमपिता की इच्छा और मौज पर विश्वास रखने का संदेश दिया।

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आश्रम के संतों ने बताया कि गुरु नित्यमुक्ता अनीता, नारायण दास लिमानी एवं अशोक पारवानी ने संत लक्ष्मण और संत चित प्रकाश चैतन्य का साफा, शॉल, दुपट्टा एवं गुलदस्ता भेंट कर सम्मान किया।

संत जीतू राम ने बताया कि चालिया महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा सभी प्रेम प्रकाशी सेवादारों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।

आगामी कार्यक्रम

  • 15 जुलाई: माला प्रतियोगिता।
  • 16 जुलाई: प्रातः ब्राह्मण भोज एवं महापुरुषों का भोज, शाम को महाआरती।
  • 17 जुलाई: प्रातः कन्या भोज, शाम को गुरु भक्ति के विशेष कार्यक्रम।
  • 18 जुलाई: प्रातः अन्नदान सेवा एवं सुंदर झांकी दर्शन, शाम को 56 भोग तथा श्री गुरु महाराज को 140 व्यंजनों का विशेष भोग।
  • 19 जुलाई (समापन दिवस): सुबह 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक अखंड अन्नदान सेवा, श्रीमद्भगवद्गीता एवं श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ पाठ का भोग, प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मान, सायंकाल सत्संग, भंडारा, बधाई गीत एवं पल्लव की रस्म के साथ चालिया महोत्सव का भव्य समापन होगा।

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