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बिराई जीएसएस पर 40 साल बाद बड़ा बदलाव: ₹55 लाख से 3 नए फीडर शुरू, लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग से मिली राहत |

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बावड़ी। गुरुवार का दिन उपखंड मुख्यालय बावड़ी के बिराई कस्बे और आसपास के ग्रामीणों के लिए ऐतिहासिक और खुशी भरा रहा। वर्ष 1984 में स्थापित बिराई 33/11 केवी जीएसएस के बाद पहली बार एक साथ तीन अलग-अलग 11 केवी फीडरों का शुभारंभ किया गया। नए फीडरों के शुरू होने से गांव, क्रेशर जोन और कृषि क्षेत्र के लिए अलग-अलग विद्युत आपूर्ति व्यवस्था लागू हो गई है। इससे वर्षों से चली आ रही लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और बिजली की फ्रीक्वेंसी में उतार-चढ़ाव जैसी गंभीर समस्याओं का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।
बिराई जीएसएस में नए बनाए गए फीडरों का विधिवत शुभारंभ बावड़ी नायब तहसीलदार कृष्णा इणकिया, जोधपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता शिवराज सिंह यादव तथा बिराई प्रशासक मुन्नाराम सारण ने पूजा-अर्चना कर किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।

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इस दौरान विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता प्रहलाद, सहायक विकास अधिकारी शंभूदयाल, ऑपरेटर मदन सिंह, राजू परिहार, रामपाल ओशु, ठेकेदार हनुमानराम सांखला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सहायक अभियंता शिवराज सिंह यादव ने बताया कि बिराई और आसपास के ग्रामीण लंबे समय से लो-वोल्टेज, बिजली की फ्रीक्वेंसी में बदलाव और बार-बार ट्रिपिंग की शिकायत कर रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत कार्ययोजना तैयार की और एलएंडटी कंपनी के माध्यम से लगभग ₹55 लाख की लागत से तीन नए 11 केवी फीडरों का निर्माण कराया।

ग्रामीण सेवा शिविर बना समाधान का माध्यम

बिराई में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बिजली की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद जोधपुर डिस्कॉम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। विभागीय अधिकारियों की निगरानी में युद्धस्तर पर कार्य करते हुए तीनों नए फीडरों का निर्माण समय पर पूरा किया गया।

क्रेशर जोन और कृषि क्षेत्र को मिलेगा सीधा लाभ

बिराई और सेवागांव का क्रेशर जोन क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पहले एक ही फीडर पर अत्यधिक लोड होने के कारण क्रेशर उद्योगों का संचालन प्रभावित होता था। अब अलग-अलग फीडर होने से क्रेशर इकाइयों को निर्बाध बिजली मिलेगी, जिससे उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। वहीं कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को भी बेहतर गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध होगी।

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उपकरण जलने की समस्या से भी मिलेगी राहत

ग्रामीणों ने बताया कि पहले बिजली की फ्रीक्वेंसी और वोल्टेज में अचानक बदलाव होने से कई बार घरों और दुकानों में टीवी, फ्रिज, मोटर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण जल जाते थे, जिससे लोगों को हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता था। नए फीडर शुरू होने के बाद बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहने की संभावना है, जिससे इस प्रकार की घटनाओं में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

ग्रामीणों में खुशी का माहौल

करीब चार दशक बाद बिराई जीएसएस पर हुए इस बड़े तकनीकी बदलाव से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। लोगों का कहना है कि अलग-अलग फीडर शुरू होने से अब न केवल बिजली आपूर्ति बेहतर होगी, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक और कृषि विकास को भी नई गति मिलेगी। ग्रामीणों ने इस कार्य के लिए विद्युत विभाग और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।ग्रामीणों ने बताया कि पहले बिजली की फ्रीक्वेंसी और वोल्टेज में अचानक बदलाव होने से कई बार घरों और दुकानों में टीवी, फ्रिज, मोटर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण जल जाते थे, जिससे लोगों को हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता था। नए फीडर शुरू होने के बाद बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहने की संभावना है, जिससे इस प्रकार की घटनाओं में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

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ग्रामीणों में खुशी का माहौल

करीब चार दशक बाद बिराई जीएसएस पर हुए इस बड़े तकनीकी बदलाव से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। लोगों का कहना है कि अलग-अलग फीडर शुरू होने से अब न केवल बिजली आपूर्ति बेहतर होगी, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक और कृषि विकास को भी नई गति मिलेगी। ग्रामीणों ने इस कार्य के लिए विद्युत विभाग और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

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