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भोपालगढ़ उप जिला अस्पताल में प्रसूता मौत मामले की जांच फिर बदली, पहली कमेटी पर उठे सवाल; CMHO ने गठित की नई जांच समिति

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डिलीवरी के नाम पर लेनदेन और लापरवाही के आरोपों की होगी दोबारा जांच, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बोले— जल्द रिपोर्ट आएगी, रिक्त पद भरने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया।

जोधपुर/भोपालगढ़। भोपालगढ़ उप जिला अस्पताल में हाल ही में प्रसूताओं की मौत और डिलीवरी के नाम पर कथित लेनदेन एवं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। पहली जांच समिति का नाम सार्वजनिक होने और उस पर सवाल उठने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (द्वितीय) जोधपुर ने नई जांच समिति का गठन कर दिया है।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले एक प्रसूता को प्रसव के लिए भोपालगढ़ उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उसकी तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे जोधपुर के उम्मेद अस्पताल के लिए रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे और डिलीवरी के नाम पर अवैध लेनदेन तथा भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रतन कंवर तथा नर्सिंग ऑफिसर प्रेम भाटी को एपीओ कर स्वास्थ्य भवन एवं निदेशालय, जोधपुर मुख्यालय भेज दिया था। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया था।

हालांकि, जांच समिति का नाम मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद उसकी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (द्वितीय) डॉ. जितेंद्र दान चारण ने पहली समिति को बदलते हुए नई जांच समिति का गठन कर दिया है। अब यही नई समिति प्रसूताओं की मौत, अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्थाओं तथा लगाए गए भ्रष्टाचार और लेनदेन के आरोपों की विस्तृत जांच करेगी।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (द्वितीय) डॉ. जितेंद्र दान चारण ने बताया कि प्रथम जांच समिति का नाम सार्वजनिक होने के कारण निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दूसरी समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट जल्द प्राप्त होगी और उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि भोपालगढ़ सहित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पदों को भरने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद खाली पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।

अब पूरे मामले में लोगों की नजर नई जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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