पणजी । भारत ऊर्जा सप्ताह-2026 (India Energy Week-2026) का आयोजन 27 से 30 जनवरी, 2026 तक गोवा में होगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन में दुनिया भर के ऊर्जा मंत्री, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), नीति निर्माता, वित्तीय संस्थान, शिक्षाविद और प्रौद्योगिकी प्रदाता शामिल होंगे। यह सम्मेलन वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए व्यावहारिक और मापनीय उपायों पर विमर्श करेगा।
ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और जलवायु परिवर्तन पर संवाद
भारत ऊर्जा सप्ताह-2026 का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, निवेश को बढ़ावा देना और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए कार्बन उत्सर्जन कम करना है। इस सम्मेलन में 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी की संभावना है। पिछली बार 2025 में इस आयोजन में 68,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था, जिसमें 570 प्रदर्शक और 5,400 प्रतिनिधि शामिल थे।
भारत का सुधारोन्मुखी ऊर्जा ढांचा और वैश्विक प्रभाव
भारत का ऊर्जा ढांचा वैश्विक ऊर्जा मांग में बढ़ोतरी और जलवायु संबंधी दायित्वों के मद्देनजर लगातार सुधार कर रहा है। भारत के सुधार-आधारित ऊर्जा मॉडल को सम्मेलन में प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किए गए विधायी और नियामक सुधारों के तहत अपस्ट्रीम पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिली है, साथ ही निवेशकों के लिए जोखिम कम करने के उपायों को शामिल किया गया है।
स्वच्छ ऊर्जा और इथेनॉल कार्यक्रम पर विशेष ध्यान
भारत का इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम दुनिया भर में एक उदाहरण बन चुका है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 1.59 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचत, 813 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी, और 270 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रतिस्थापन किया गया है। सम्मेलन में जैव ईंधन, हरित हाइड्रोजन और कम कार्बन उत्सर्जन वाली उभरती प्रौद्योगिकियों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा होगी।
ऊर्जा अवसंरचना विस्तार और उपभोक्ता संरक्षण पर फोकस
भारत में ऊर्जा अवसंरचना में विस्तार और ऊर्जा सुरक्षा सुदृढ़ करने के प्रयास जारी हैं। खुदरा पेट्रोल विक्रय केंद्रों की संख्या वर्ष 2014 में 52,000 से बढ़कर 2025 तक एक लाख से अधिक होने की संभावना है। इसके साथ ही सीएनजी पंप स्टेशनों की संख्या भी बढ़कर 8,477 से अधिक होने जा रही है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतों में स्थिरता बनी रही है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे कम हैं।
वैश्विक ऊर्जा संवाद और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी
इस चार दिवसीय सम्मेलन में मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठकें, सीईओ संवाद, सार्वजनिक-निजी क्षेत्र संवाद, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन, प्रदर्शनी, और मीडिया से जुड़ाव कार्यक्रम होंगे। इस बार की प्रदर्शनी में उभरती ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और वैश्विक कंपनियों के प्रदर्शन के साथ-साथ हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था, हरित वित्त, और डिजिटल परिवर्तन पर विशेष सत्र होंगे।


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