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राष्ट्रीय विद्यालयी बास्केटबॉल में राजस्थान की बेटियों का स्वर्णिम इतिहास, पहली बार गोल्ड पर कब्जा

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खैरथल/तिजारा। राजस्थान की बेटियों ने 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी अंडर-19 बास्केटबॉल प्रतियोगिता में इतिहास रचते हुए पहली बार स्वर्ण पदक जीता और प्रदेश का नाम रोशन किया। बाड़मेर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में राजस्थान की गर्ल्स टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए शानदार प्रदर्शन किया। टीम की इस सफलता के पीछे राष्ट्रीय प्रशिक्षक डॉ. दीपिका अरोड़ा का उत्कृष्ट मार्गदर्शन और नेतृत्व था।

कुल सात मुकाबलों में अजेय रही राजस्थान टीम

स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिता में राजस्थान की टीम ने सात मुकाबलों में भाग लिया, और सभी में एकतरफा जीत दर्ज की। फाइनल में राजस्थान ने महाराष्ट्र को 52-9 के बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

15 दिनों के विशेष अभ्यास ने बदला खेल का रंग

राजस्थान की टीम के ट्रायल 17-18 दिसंबर को बाड़मेर में हुए। इसके बाद 19 दिसंबर से 1 जनवरी तक एक विशेष अभ्यास शिविर आयोजित किया गया, जिसमें कोच डॉ. दीपिका अरोड़ा ने खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल, आपसी तालमेल और रणनीति पर विशेष ध्यान दिया। इस विशेष अभ्यास के दौरान ऑफेंस और डिफेंस पर जोर देने का परिणाम पूरे टूर्नामेंट में साफ नजर आया।

कप्तान कृतिका खटीक और खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन

टीम का नेतृत्व कर रही कप्तान कृतिका खटीक के साथ-साथ अन्य खिलाड़ियों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। कल्पना शेखावत, आरूषि राठौड़, उन्नति सिंह, ममता वर्मा, कीर्ति कंवर, ईशी त्रिवेदी, नवदीप कौर, राजश्री नरूका, कौमल राठौड़, सिमरन परवीन और जाह्नवी टोंगर जैसे खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

टीम ने लीग मैचों में सीबीएसई डब्ल्यूएसओ को 89-11, गुजरात को 52-8 और उत्तर प्रदेश को 78-23 से हराया। इसके बाद प्री-क्वार्टर फाइनल में आंध्र प्रदेश को 94-16, क्वार्टर फाइनल में केरल को 44-21, सेमीफाइनल में तमिलनाडु को 37-5 और फाइनल में महाराष्ट्र को हराया।

अलवर के लिए दोहरी खुशी

अलवर जिले की सेंट एनस्लम विद्यालय की छात्रा जाह्नवी टोंगर का राजस्थान टीम में चयन होना जिले के लिए गर्व का विषय बना।

कप्तान और कोच का बयान

कप्तान कृतिका खटीक ने कहा, “यह सफलता कोच दीपिका मैम के मार्गदर्शन और हमारे माता-पिता के आशीर्वाद से संभव हुई। टीम में पारिवारिक माहौल का भी बड़ा योगदान रहा।” वहीं, कोच डॉ. दीपिका अरोड़ा ने कहा, “पिछले वर्षों में कांस्य और रजत पदक के बाद इस बार स्वर्ण पदक प्राप्त करना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मजबूत डिफेंस और सही संयोजन पर फोकस ने हमें चैंपियन बना दिया।”

यह ऐतिहासिक जीत न केवल राजस्थान, बल्कि अलवर के खेल जगत के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बन गई है।

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