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वॉइस ऑफ सीनियर्स-8: हरि दर्शन सिंह बने विजेता, इंदौर में सीनियर सिंगिंग प्रतियोगिता 2026

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इंदौर।उम्र भले ही साठ पार कर जाए, लेकिन जुनून और हुनर की चमक कभी फीकी नहीं पड़ती—इसी बात को फिर साबित किया ‘वॉइस ऑफ सीनियर्स-8’ के मंच ने। आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर द्वारा प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, इंदौर में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की गायन प्रतियोगिता ने देशभर से आए वरिष्ठ प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर दिया।

इस भव्य आयोजन में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आए वरिष्ठ कलाकारों ने अपनी सुरों की जादूगरी से दर्शकों का दिल जीत लिया।

 विजेता और उपविजेता

प्रतियोगिता में इंदौर के  हरि दर्शन सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। उन्हें ₹51,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
वहीं, करनाल (हरियाणा) के सरदार आर.पी. सिंह उपविजेता रहे, जिन्हें ₹21,000 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।

 सुरों में झलकी जिंदगी की कहानी

हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय गीतों पर आधारित इस प्रतियोगिता में हर प्रस्तुति एक कहानी बनकर सामने आई। जब-जब कोई प्रतिभागी मंच पर आया, तो ऐसा लगा मानो उसकी पूरी जिंदगी सुरों में ढलकर दर्शकों तक पहुंच रही हो। ऑडिशन से लेकर ग्रैंड फिनाले तक का सफर भावनाओं से भरी एक यादगार यात्रा बन गया।

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लाइव ऑर्केस्ट्रा की मधुर धुनों ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। कहीं पुरानी यादें ताज़ा हुईं, तो कहीं तालियों की गूंज ने माहौल को जीवंत कर दिया।

 अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह

मुख्य अतिथि अवधेश दवे (अध्यक्ष, कॉम्प फीडर्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस) ने कहा कि इन सुरों में सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों की गहराई झलकती है।
वहीं, आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने इसे बुज़ुर्गों के आत्मविश्वास और पुनः पहचान का मंच बताया।

संस्था के सचिव एस.बी. खंडेलवाल ने कहा कि हर वर्ष प्रतिभागी अपनी प्रस्तुति से उम्मीदों को और ऊंचा कर देते हैं और यह साबित करते हैं कि उम्र केवल एक संख्या है।

 समाज सेवा के साथ सांस्कृतिक पहल

माता रामकौर मेमोरियल जन कल्याणिक ट्रस्ट द्वारा संचालित यह केंद्र न केवल सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से बुज़ुर्गों को मंच देता है, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य कर रहा है। कंप्यूटर वितरण, छात्रवृत्ति और हेल्थ चेकअप जैसे कार्यक्रम इसकी संवेदनशील सोच को दर्शाते हैं।

‘वॉइस ऑफ सीनियर्स-8’ सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उन अनकही कहानियों का उत्सव बन गया, जो उम्र के साथ कहीं दब गई थीं—और अब फिर पूरे आत्मविश्वास के साथ गूंज उठीं।

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