Advertisement

लौकी के छिलके फेंकने की न करें गलती! झटपट बनाएं ये चटपटी भुजिया, रोटी और चावल संग आएगी खूब पसंद

blank

Lauki Peel Uses: लौकी छीलकर छिलके फेंक देते हैं? रुकिए! ऐसे बनाएं कुरकुरी और चटपटी भुजिया, स्वाद ऐसा कि सब मांग-मांग कर खाएंगे

रसोई में खाना बनाते समय हम अक्सर सब्जियों के कुछ हिस्सों को ‘कचरा’ समझकर डस्टबिन में डाल देते हैं। लौकी (Bottle Gourd) के साथ भी ज्यादातर घरों में यही होता है। जब भी घर में लौकी की सब्जी, कोफ्ता, सांभर या रायता बनता है, तो सबसे पहले उसके छिलकों को उतारकर सीधे कूड़ेदान के हवाले कर दिया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस छिलके को आप बेकार मानकर फेंक रहे हैं, असल में वह सेहत का खजाना और स्वाद का पावरहाउस हो सकता है?
जी हां, आज का ‘जीरो वेस्ट कुकिंग’ (Zero Waste Cooking) का कॉन्सेप्ट यही सिखाता है कि प्रकृति की दी हुई हर चीज़ का सही इस्तेमाल कैसे किया जाए। लौकी के ताजे छिलकों से बनने वाली मसालेदार और कुरकुरी भुजिया इतनी स्वादिष्ट होती है कि अगर आप इसे एक बार चख लें, तो दोबारा कभी इसके छिलके फेंकने की भूल नहीं करेंगे।

लौकी के छिलके फेंकने से पहले जान लें इसके सेहतमंद फायदे

लौकी जितनी गुणकारी है, उसके छिलके भी पोषण में किसी से कम नहीं हैं। अक्सर छिलका हटाने से सब्जी के कई जरूरी तत्व नष्ट हो जाते हैं। जानिए इसके छिलकों में क्या छिपा है:
  1. फाइबर से भरपूर (पाचन के लिए वरदान): लौकी के छिलकों में प्रचुर मात्रा में डाइट्री फाइबर पाया जाता है। यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार है।
  2. वजन घटाने में सहायक: कम कैलोरी और अधिक फाइबर होने के कारण यह भुजिया पेट को लंबे समय तक भरा रखती है, जिससे बेवजह भूख नहीं लगती।
  3. नेचुरल विटामिन्स और मिनरल्स: छिलकों में विटामिन-सी, विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स, पोटेशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व मौजूद रहते हैं, जो त्वचा की चमक बढ़ाने और शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
  4. नेचुरल डिटॉक्स: यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और पाचन तंत्र को हल्का रखने में मदद करता है।

लौकी के छिलके और आलू की भुजिया के लिए आवश्यक सामग्री

इस लाजवाब भुजिया को बनाने के लिए किसी फैंसी सामग्री की जरूरत नहीं है। आपकी रसोई में रखे बुनियादी मसालों से ही यह बेहद टेस्टी बन जाती है:
  • लौकी के छिलके: 2 कप (ताजा, मुलायम और अच्छी तरह धोकर बिल्कुल बारीक कटे हुए)
  • आलू: 1 मध्यम आकार का (छीलकर पतले व छोटे क्यूब्स में कटा हुआ)
  • सरसों का तेल: 2 बड़े चम्मच (सरसों के तेल से इसका स्वाद दोगुना हो जाता है)
  • राई (सरसों के दाने): 1/2 छोटा चम्मच
  • जीरा: 1/2 छोटा चम्मच
  • हींग: 1/4 छोटा चम्मच
  • हरी मिर्च: 2 (बारीक कटी हुई)
  • अदरक: 1/2 इंच टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
  • हल्दी पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
  • धनिया पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
  • अमचूर पाउडर या चाट मसाला: 1/2 छोटा चम्मच (चटपटे स्वाद के लिए)
  • नमक: स्वादानुसार
  • ताजा हरा धनिया: 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा हुआ, गार्निशिंग के लिए)

    blank

                                                                                                                                             AI GENERATE IMAGE

स्टेप-बाय-स्टेप: बनाने की आसान विधि

लौकी के छिलके की भुजिया बनाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि यह चिपचिपी बनने के बजाय एकदम कुरकुरी और खिली-खिली बने:

1. छिलकों की तैयारी:

हमेशा ताजी, हरी और मुलायम लौकी के छिलकों का ही इस्तेमाल करें। लौकी को छीलने से पहले ही साबुत अवस्था में अच्छे से धो लें। छीलने के बाद चाकू से छिलकों को बिल्कुल बारीक-बारीक लच्छों या स्ट्रिप्स की तरह काट लें। आलू को भी बारीक टुकड़ों में काटें ताकि दोनों एक साथ समान समय में पकें।

2. तड़का लगाएं:

एक भारी तले की कड़ाही या लोहे की कड़ाही में 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से हल्का धुआं निकलने लगे, तब गैस धीमी करें और इसमें जीरा, राई और हींग डालें। इसके बाद कटी हुई हरी मिर्च और कद्दूकस किया अदरक डालकर 25–30 सेकंड तक भूनें ताकि उनकी खुशबू तेल में समा जाए।

3. आलू और छिलकों को भूनें:

अब कड़ाही में कटे हुए आलू और लौकी के छिलके डालें। ऊपर से हल्दी पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें।

4. धीमी आंच पर पकाएं:

कड़ाही को ढक्कन से ढक दें और गैस की आंच बिल्कुल धीमी रखें। इसे लगभग 8 से 10 मिनट तक पकने दें। हर 2-3 मिनट में ढक्कन हटाकर चलाते रहें ताकि सब्जी तली में चिपके नहीं। ध्यान रहे: इस भुजिया में एक बूंद भी पानी न डालें; छिलके और आलू अपने ही भाप में पककर बेहतरीन टेक्सचर लेते हैं।

5. क्रिस्पी और चटपटा बनाएं:

जब आलू और लौकी के छिलके पूरी तरह से गल जाएं और नरम हो जाएं, तब ढक्कन हटा दें। अब इसमें धनिया पाउडर और अमचूर पाउडर (या चाट मसाला) डालें। गैस की आंच मध्यम-तेज करें और लगातार चलाते हुए 2 से 3 मिनट तक भूनें। तेज आंच पर भूनने से छिलकों का अतिरिक्त मॉइस्चर उड़ जाता है और भुजिया एकदम क्रिस्पी बन जाती है।

6. गार्निश और परोसें:

गैस बंद कर दें और ऊपर से बारीक कटा ताजा हरा धनिया डालें। आपकी गरमा-गरम, कुरकुरी और चटपटी लौकी के छिलके की भुजिया बनकर तैयार है!

किसके साथ परोसें?

  • दाल-चावल के साथ: अरहर की दाल, उबले चावल और घी के साथ यह भुजिया साइड डिश के रूप में कमाल लगती है।
  • रोटी और पराठे संग: सुबह के नाश्ते में सादे या अजवाइन वाले पराठे के साथ इसका स्वाद लाजवाब लगता है।
  • टिफिन और लंच बॉक्स: यह सब्जी जल्दी खराब नहीं होती और सूखी होने के कारण बच्चों या ऑफिस के टिफिन बॉक्स के लिए एक बेहतरीन और हेल्दी विकल्प है।

शेफ टिप्स:

  • अगर आप चाहें तो इसमें 1 चम्मच भुनी हुई मूंगफली का दरदरा पाउडर या सफेद तिल भी मिला सकते हैं, इससे क्रंच और बढ़ जाएगा।
  • अगर लौकी का छिलका कड़वा या बहुत मोटा व कड़ा हो, तो उसका इस्तेमाल न करें। केवल ताजी व नरम लौकी के छिलके ही चुनें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *