भीषण गर्मी में सूखी खेलियां, प्यास से परेशान ग्रामीण और गोवंश; अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन।
बावड़ी।उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बुचेटी में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण जलदाय विभाग (PHED) की पानी की टंकी के चारों ओर धरने पर बैठ गए और विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की आबादी के अनुरूप पेयजल आपूर्ति नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि बुचेटी के हिस्से का पानी टैंकरों के माध्यम से अन्य गांवों में सप्लाई किया जा रहा है, जबकि गांव में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में 5 से 6 दिन के अंतराल में पानी छोड़ा जाता है, जबकि गांव में हर चौथे दिन पेयजल की आवश्यकता रहती है।

ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी और कम बारिश के कारण नदी, तालाब और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं। ऐसे में पूरा गांव सरकारी पेयजल आपूर्ति पर निर्भर है। गांव की पानी की खेलियां (पशुओं के लिए बनी पानी की टंकियां) भी खाली पड़ी हैं, जिससे गोवंश और अन्य मवेशी पानी के अभाव में परेशान हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया। हाल ही में आयोजित ग्राम सेवा शिविर में भी लिखित ज्ञापन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।
ग्राम पंचायत के प्रशासक प्रतिनिधि फिरोज खान ने कहा कि गांव के हक का पानी दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को समय पर पानी नहीं मिल रहा है। साथ ही मुख्य पाइपलाइन पर अवैध कनेक्शनों के कारण भी पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्राम विकास अधिकारी वेरीशाल सिंह भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे। सूचना मिलने पर भोपालगढ़ जलदाय विभाग के सहायक अभियंता राकेश गहलोत मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की।

सहायक अभियंता राकेश गहलोत ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अब गांव में प्रति माह 6 टंकियों के स्थान पर 7 टंकियों के बराबर पानी की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण यदि अवैध कनेक्शनों की लिखित शिकायत देंगे तो विभाग जांच कर उन्हें हटाने की कार्रवाई करेगा।

ग्रामीणों ने पानी सप्लाई करने वाले ठेकेदार पर भी बिना पैसे लिए पर्याप्त पानी नहीं देने का आरोप लगाया। इस पर सहायक अभियंता ने कहा कि शिकायत की विभागीय जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे हटाया जाएगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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