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सांसद खेल महोत्सव: जोधपुर में जोश, जज्बा और खेल भावना का संगम

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रस्साकशी से बास्केटबॉल तक — जोधपुर के मैदानों में छाया खिलाड़ियों का जुनून

जोधपुर। सांसद खेल महोत्सव के तहत जोधपुर संसदीय क्षेत्र में खेलकूद प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ हुआ। शहरी एवं ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में खिलाड़ियों का उत्साह चरम पर रहा। शहरी क्षेत्र के तीनों विधानसभा क्षेत्रों — सरदारपुरा, शहर और सूरसागर में शुक्रवार को विभिन्न वार्डों एवं यूसीईओ विद्यालयों की प्रतियोगिताओं का रंगारंग आगाज हुआ।

सरदारपुरा विधानसभा की प्रतियोगिताएं अमृतलाल स्टेडियम, चैनपुरा में, शहर विधानसभा क्षेत्र की प्रतियोगिताएं क्रीड़ा संगम गौशाला मैदान में तथा सूरसागर क्षेत्र की प्रतियोगिताएं आदर्श विद्या मंदिर, केशव परिसर में आयोजित हुईं।
सूरसागर विधानसभा क्षेत्र की प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक देवेन्द्र जोशी ने किया, वहीं सरदारपुरा और शहर क्षेत्र की प्रतियोगिताओं का उद्घाटन राजेन्द्र पालीवाल द्वारा किया गया।
इधर फलोदी विधानसभा क्षेत्र की शहरी प्रतियोगिताओं का भी शुभारंभ हुआ, जिसमें 19 वर्ष से कम और 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ी पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरे।

ग्रामीण क्षेत्रों में रोमांचक मुकाबले — रस्साकशी, कबड्डी और को-को ने बांधा समां
महोत्सव के दूसरे दिन ग्रामीण क्षेत्र में कई खेलों के फाइनल और दूसरे दौर के मुकाबले हुए। खिलाड़ियों में जोश और जुनून देखते ही बन रहा था।रस्साकशी में शानदार प्रतिस्पर्धा ने मैदान का माहौल गर्मा दिया।कबड्डी, को-को, वॉलीबॉल और दौड़ के मुकाबलों में खेल भावना और टीम स्पिरिट का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। पारंपरिक खेलों — गीली डंडा और बोरी रेस में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लेमन–स्पून रेस में बालिकाओं ने अपनी फुर्ती और संतुलन का बेहतरीन परिचय दिया।

शहरी क्षेत्र में आज बास्केटबॉल और योग प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहीं। बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने भाग लेकर खेल कौशल और शारीरिक फिटनेस का संदेश दिया। दर्शकों ने भी खिलाड़ियों की हौसला-अफजाई कर माहौल को और ऊर्जावान बना दिया।

खेलों से बढ़ी सहभागिता और एकता की भावना
सांसद खेल महोत्सव ने जोधपुर में खेल भावना, सहभागिता और ऊर्जा की नई लहर ला दी है। हर आयु वर्ग के खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि समाज में एकता, अनुशासन और स्वस्थ ऊर्जा का माध्यम भी हैं।

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