खाताधारक ने निजी भूमि बताते हुए रास्ता किया बंद, ग्रामीणों ने शिक्षा और आवागमन प्रभावित होने की कही बात, कोर्ट के आदेश व एसडीएम के निर्देश पर खुला रास्ता
भोपालगढ़। पंचायत समिति भोपालगढ़ की ग्राम पंचायत तम्बड़िया खुर्द में तम्बड़िया खुर्द से कलावास, मेघवालों और जाटों की ढाणियों को जोड़ने वाले वर्षों पुराने कदमी रास्ते को लेकर विवाद गहरा गया। खसरा संख्या 134 के सामूहिक खाताधारकों ने इसे अपनी निजी खातेदारी भूमि बताते हुए रास्ता बंद कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता दशकों से उपयोग में है और इसी मार्ग से मेघवाल, जाट, चारण समाज सहित सैकड़ों लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता है। रास्ता बंद होने से विद्यालय की बसें ढाणियों तक नहीं पहुंच पा रही थीं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। साथ ही बुजुर्गों और ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
उपखंड अधिकारी भोपालगढ़ के निर्देश पर तहसीलदार विशनाराम पुलिस जाब्ते, राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत टीम और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने अवरुद्ध मार्ग को खुलवाकर आवागमन पुनः सुचारु कराया।

तहसीलदार विशनाराम ने बताया कि यह वर्षों पुराना कदमी रास्ता है। तकनीकी कारणों से राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि खातेदारी के नाम दर्ज हो गई, जबकि मौके पर दोनों ओर वर्षों पुरानी पक्की दीवारें और रास्ते के स्पष्ट चिन्ह मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश एवं उपखंड अधिकारी के निर्देशों की पालना में रास्ता खुलवाया गया है ताकि ग्रामीणों और विद्यार्थियों को राहत मिल
सके।
ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि खियाराम सोहू ने बताया कि रास्ता वर्षों पुराना है, लेकिन तकनीकी त्रुटि के कारण भूमि किसी अन्य के नाम दर्ज हो गई। उनका कहना है कि इस स्थान पर कभी खेती या गिरदावरी नहीं हुई और रास्ता लगातार उपयोग में रहा। अब नाम दर्ज होने के बाद खाताधारक रास्ते पर अपना अधिकार जता रहे हैं।
ग्रामीण गेवराराम मेघवाल ने बताया कि बचपन से यही रास्ता उपयोग में है। पहले यह गैर मुमकिन रास्ता था, लेकिन तकनीकी त्रुटि के कारण खातेदारी दर्ज हो गई, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है।
ग्रामीण जेताराम मेघवाल ने कहा कि सरकार ने ढाणियों तक डामरीकरण सड़क स्वीकृत की थी, लेकिन रास्ता बंद होने से विद्यार्थियों, बुजुर्गों और राहगीरों को परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि यह मार्ग कलावास, बिराणी सहित कई गांवों को जोड़ने वाला पुराना सार्वजनिक रास्ता है।
वहीं खाताधारक कैलाशदान का कहना है कि संबंधित भूमि उनकी खातेदारी की है। उनका आरोप है कि पड़ोसी खेतों में उनकी जमीन दब गई है। ग्रामीणों से समझौते के तहत जमीन निकलवाने के बाद रास्ता देने की बात हुई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वे न्यायालय के अंतिम निर्णय का पालन करेंगे।
फैक्ट फाइल
- ग्राम पंचायत: तम्बड़िया खुर्द
- खसरा नंबर: 134
- खाता नंबर: 5
- क्षेत्रफल: 1.7725 हेक्टेयर
- राजस्व रिकॉर्ड में भूमि की किस्म: गैर मुमकिन मंगरा
- मामला: राजस्व अपील प्राधिकारी, जोधपुर में विचाराधीन
- प्रकरण: विजेदान व अन्य बनाम उच्छब कंवर
- नोट दिनांक: 9 जुलाई 2026
- तहसीलदार आदेश: क्रमांक 2026/2297, दिनांक 7 जुलाई 2026
- निर्देश: रिकॉर्ड में यथास्थिति बनाए रखने का उल्लेख
मौके की स्थिति
मौके पर वर्षों पुराने रास्ते के स्पष्ट चिन्ह दिखाई देते हैं। दोनों ओर लगभग 20-20 वर्ष पुरानी पक्की दीवारें बनी हुई हैं। मार्ग पर खेती या फसल बुवाई के कोई संकेत नहीं मिले। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार भी वर्षों से यहां किसी प्रकार की गिरदावरी दर्ज नहीं है, जिससे प्रथम दृष्टया यह मार्ग लंबे समय से सार्वजनिक आवागमन में होने की स्थिति दर्शाता है।

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