जोधपुर/जयपुर। सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने और राजस्थान राज्य सूचना आयोग के आदेशों की लगातार अवहेलना करना ग्राम पंचायत खवासपुरा के तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी एवं राज्य लोक सूचना अधिकारी धर्माराम को भारी पड़ गया। राजस्थान राज्य सूचना आयोग ने सख्त कार्रवाई करते हुए धर्माराम पर ₹10,000 की शास्ति (जुर्माना) लगाने के साथ ही परिवादी को ₹3,000 क्षतिपूर्ति देने के आदेश जारी किए हैं।

कैशबुक की प्रमाणित प्रतियां मांगी थीं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खवासपुरा निवासी महीपाल ने 10 अक्टूबर 2025 को RTI आवेदन प्रस्तुत कर ग्राम पंचायत खवासपुरा की 1 जनवरी 2021 से 10 अक्टूबर 2025 तक की कैशबुक (रोकड़ बही) की प्रमाणित प्रतियां मांगी थीं। निर्धारित समय में सूचना नहीं मिलने और प्रथम अपील का निस्तारण नहीं होने पर परिवादी ने राजस्थान राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर की।
आयोग ने 8 अप्रैल 2026 को आदेश जारी कर लोक सूचना अधिकारी को निर्देश दिया था कि वित्तीय वर्ष 2023-24 की कैशबुक की प्रमाणित प्रति 30 दिन के भीतर आवेदक को निःशुल्क पंजीकृत डाक से उपलब्ध कराई जाए।
आयोग के आदेश के बावजूद नहीं दी सूचना
आयोग के स्पष्ट निर्देश के बावजूद सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद परिवादी ने आयोग के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान VDO की ओर से यह दलील दी गई कि आवेदक रिकॉर्ड देखने के लिए उपस्थित नहीं हुआ था। वहीं, परिवादी ने आयोग को बताया कि वह लगभग प्रतिदिन पंचायत कार्यालय जाता रहा, लेकिन उसे सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
आयोग द्वारा 29 मई 2026 और 6 अगस्त 2026 को जारी कारण बताओ नोटिसों का भी VDO की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
आयोग ने रवैये को बताया लापरवाही
मामले की सुनवाई करते हुए राजस्थान राज्य सूचना आयुक्त महेन्द्र कुमार पारख ने पत्रावली का अवलोकन किया। आयोग ने VDO के रवैये को RTI कानून के प्रति असंवेदनशील, उदासीन और लापरवाह माना और अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।

₹10 हजार जुर्माना, वेतन से होगी कटौती
आयोग ने RTI Act की धारा 20(1) के तहत ग्राम विकास अधिकारी धर्माराम पर ₹10,000 की शास्ति अधिरोपित की है। यह राशि उनके वेतन से काटकर 15 दिवस के भीतर डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से आयोग सचिव, जयपुर को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही जुर्माने और लापरवाही की प्रविष्टि अधिकारी की सर्विस बुक में दर्ज करने तथा धारा 20(2) के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
परिवादी को ₹3 हजार क्षतिपूर्ति
RTI सूचना प्राप्त करने के लिए अपील और परिवाद की प्रक्रिया में परिवादी को हुई आर्थिक परेशानी को देखते हुए आयोग ने धारा 19(8)(B) के तहत ₹3,000 क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। यह राशि 15 दिवस के भीतर परिवादी महीपाल को नकद या चेक के माध्यम से अदा करनी होगी।
CEO जिला परिषद को अनुपालना के निर्देश
राज्य सूचना आयोग ने आदेश की प्रति मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), जिला परिषद, जोधपुर को भेजते हुए आदेश की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने और संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।

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आयोग के इस फैसले को RTI के तहत सूचना देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।

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