बावड़ी और भोपालगढ़ क्षेत्र में नदी के बहाव क्षेत्र का लिया जायजा, नदी में जालबंदी, तारबंदी और बजरी खनन को लेकर अधिकारियों से की जानकारी
जोधपुर/बावड़ी। जोधपुर जिले में जोजरी नदी के पुनरुत्थान और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण को लेकर गठित हाई लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी (HLEOL) के अध्यक्ष एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगीत लोढ़ा ने नदी के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भोपालगढ़ तहसील के औस्तरा, रुदिया, बिरानी और कलावास सहित नदी के बहाव क्षेत्र का जायजा लेकर मौके की स्थिति का अवलोकन किया। इसके बाद बावड़ी क्षेत्र के बिराई, सेवकी कलां और गंगानी सहित आसपास के क्षेत्रों में भी नदी की स्थिति का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण का उद्देश्य जोजरी नदी के वर्तमान स्वरूप, प्राकृतिक बहाव, नदी क्षेत्र में हुए बदलावों और पुनरुत्थान की संभावनाओं का जायजा लेना रहा। इस दौरान प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
भोपालगढ़ क्षेत्र में नदी के बहाव का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति संगीत लोढ़ा ने भोपालगढ़ तहसील के विभिन्न स्थानों पर जोजरी नदी के बहाव क्षेत्र और मौजूदा परिस्थितियों को देखा। इस दौरान भोपालगढ़ के उपखंड अधिकारी गोपाल जांगिड़, तहसीलदार विशनाराम सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
अधिकारियों की मौजूदगी में नदी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और बहाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया गया। नदी के पुनरुत्थान के लिए आवश्यक परिस्थितियों को समझने के उद्देश्य से अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया गया।
बावड़ी क्षेत्र के बिराई, सेवकी कलां और गंगानी में भी पहुंची टीम
भोपालगढ़ क्षेत्र के बाद निरीक्षण दल ने बावड़ी क्षेत्र में जोजरी नदी के बहाव क्षेत्र का जायजा लिया। बिराई, सेवकी कलां और गंगानी सहित आसपास के इलाकों में नदी की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण किया गया।

इस दौरान बावड़ी के उपखंड अधिकारी जवाहर राम चौधरी, तहसीलदार चंदन पंवार, खनन विभाग के अधिकारी और खेड़ापा थाना पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रही। संबंधित अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान नदी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराई।
बिराई-कलवा सरहद पर जालबंदी और तारबंदी को लेकर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संगीत लोढ़ा बिराई-कलावास सरहद पर रुके और नदी क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। यहां नदी क्षेत्र में की गई जालबंदी और तारबंदी को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। नदी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में इस प्रकार की बाधाओं को लेकर उन्होंने मौके की स्थिति का अवलोकन किया।
इसके साथ ही नदी क्षेत्र में पूर्व में हुए बजरी खनन को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान इन गतिविधियों और नदी क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
बजरी खनन को लेकर खनन विभाग के अधिकारियों ने दी जानकारी
नदी क्षेत्र में बजरी खनन को लेकर पूछे गए सवालों पर खनन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 तक बजरी खनन के लिए लीज दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद बजरी खनन को लेकर किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई है।

निरीक्षण के दौरान नदी क्षेत्र में खड़े बबूल के पेड़ों, झाड़ियों और आसपास की गई तारबंदी की स्थिति भी देखी गई। नदी क्षेत्र के नक्शे और सीमांकन से जुड़े पहलुओं का भी अवलोकन किया गया।
बिराई बांध का भी किया निरीक्षण
जोजरी नदी के निरीक्षण के दौरान कमेटी ने बिराई बांध का भी जायजा लिया। जोधपुर क्षेत्र के प्रमुख बांधों में शामिल बिराई बांध नदी के रिवर फ्रंट क्षेत्र में स्थित है। निरीक्षण दल ने बांध की स्थिति और नदी क्षेत्र से उसके जुड़ाव का अवलोकन किया।
जोजरी नदी के पुनरुत्थान को लेकर किए जा रहे इस निरीक्षण को क्षेत्र में नदी के प्राकृतिक स्वरूप, बहाव क्षेत्र और पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े मुद्दों के आकलन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सामने आए विभिन्न पहलुओं के आधार पर कमेटी आगे की प्रक्रिया में संबंधित विभागों से जानकारी ले सकती है।

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