जोधपुर। जोधपुर शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में मंगलवार को एक नई शुरुआत हुई। नगर निगम की ओर से जोधपुर बस सर्विस लिमिटेड के माध्यम से संचालित पीएम ई-बस सेवा का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी, जिला कलेक्टर आलोक रंजन, नगर निगम आयुक्त राहुल जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
पहले चरण में 5 ई-बसें शुरू
शुभारंभ के साथ ही पहले चरण में 5 इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसों का संचालन शुरू किया गया है। ये बसें बनाड़ से जैसलमेर बाईपास रूट पर चलेंगी। आगामी दो-तीन माह में करीब 100 से 125 ई-बसें मिलने की संभावना है, जिन्हें शहर के 10 से अधिक रूट पर संचालित किया जाएगा।
सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी ने कहा कि ई-बस सेवा से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होने के साथ शहर के प्रदूषण में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि आमजन और पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी।

सुबह 7 से रात 10 बजे तक मिलेगी सेवा
ई-बस सेवा का संचालन सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा। यात्रियों को लगभग हर 40 मिनट में बस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। एक बस को एक फेरा पूरा करने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगेगा। शहर में कुल 34 बस स्टॉप निर्धारित किए गए हैं।
15 से 50 रुपए तक किराया
ई-बस सेवा का किराया आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया गया है। बस का न्यूनतम किराया 15 रुपए और अधिकतम किराया 50 रुपए रहेगा।

यह रहेगा प्रारंभिक रूट
प्रारंभिक चरण में ई-बसें बनाड़ से रवाना होकर राईकाबाग बस स्टैंड, सर्किट हाउस, भाटी सर्कल, पांच बत्ती चौराहा, जेडीए चौराहा, रेलवे स्टेशन, रोटरी चौराहा, एमडीएम हॉस्पिटल, जलजोग सर्कल, बॉम्बे मोटर चौराहा, आखलिया चौराहा, पहला पुलिया, दूसरा पुलिया और चौपासनी रोड होते हुए जैसलमेर बाईपास तक जाएंगी।
सुरक्षा के लिए 8 से 9 कैमरे
यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक ई-बस में 8 से 9 कैमरे लगाए गए हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सीट की व्यवस्था की गई है, जबकि महिलाओं के लिए चार पिंक सीट आरक्षित रहेंगी। करीब 9 मीटर लंबी बस में कुल 30 सीटें हैं।
एक चार्ज में 160 से 180 किलोमीटर का सफर
इलेक्ट्रिक बस एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद करीब 160 से 180 किलोमीटर तक चल सकेगी। बसों की चार्जिंग के लिए झालामंड में चार्जिंग स्टेशन तैयार किया गया है। इससे डीजल-पेट्रोल पर निर्भरता कम होने के साथ शहर के वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
अतिथियों ने ई-बस में किया सफर
शुभारंभ के बाद अतिथियों ने नई इलेक्ट्रिक बस में सफर कर सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने मारवाड़ कन्वेंशन सेंटर से सर्किट हाउस तक ई-बस में यात्रा की। इस दौरान अधिकारियों ने बस की तकनीकी सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
पर्यटकों के लिए वीकेंड पर विशेष व्यवस्था
नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि वीकेंड पर पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले प्रमुख रूट पर ई-बसों के संचालन का प्रयास किया जाएगा, ताकि शहर में आने वाले पर्यटकों को भी किफायती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके।
आगामी चरण में 10 से अधिक रूट पर करीब 100 से 125 ई-बसों के संचालन से रेलवे स्टेशन, अस्पताल, बाजार, आवासीय क्षेत्रों और प्रमुख स्थानों को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। नगर निगम की ओर से जल्द ही ई-बसों की विस्तृत समय-सारणी भी जारी की जाएगी।

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