हनुमान अंश: 180 गुना मुनाफे के बाद 100 करोड़ की OTT डील की चर्चा! प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने तोड़ी चुप्पी, जानें पूरी सच्चाई
भारतीय सिनेमा में कई बार ऐसी फिल्में आती हैं जो बिना किसी बड़े तामझाम या मेगा स्टारकास्ट के दर्शकों के दिलों में अपनी गहरी छाप छोड़ जाती हैं। इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर ऐसा ही ऐतिहासिक करिश्मा दिखा रही है फिल्म ‘हनुमान अंश’। नीम करोली बाबा के आध्यात्मिक जीवन और चमत्कारों से प्रेरित इस फिल्म ने टिकट खिड़की पर कमाई के ऐसे रिकॉर्ड बना दिए हैं, जिसे देखकर बड़े-बड़े ट्रेड एनालिस्ट और फिल्म पंडित दंग रह गए हैं।
मात्र 1.75 से 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने अब तक बॉक्स ऑफिस पर 366 करोड़ रुपये से अधिक का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है। यानी अपने बजट की तुलना में फिल्म ने लगभग 180 गुना से ज्यादा मुनाफा कमाया है। बॉक्स ऑफिस पर इस अप्रत्याशित सफलता के बीच अब फिल्म की 100 करोड़ रुपये की बंपर OTT डील की खबरें सोशल मीडिया और फिल्म गलियारों में आग की तरह फैल रही हैं। इन चर्चाओं पर अब फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और पूरी सच्चाई सामने रखी है।
100 करोड़ की OTT डील पर प्रोड्यूसर का खुलासा
डिजिटल युग में किसी भी फिल्म की रिलीज के बाद दर्शकों के बीच यह जानने की सबसे ज्यादा होड़ रहती है कि वह कब और किस स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (OTT) पर आएगी। ‘हनुमान अंश’ की ऐतिहासिक कमाई को देखते हुए लगातार यह दावा किया जा रहा था कि फिल्म के डिजिटल राइट्स को लेकर दिग्गज OTT कंपनियों के बीच होड़ मची है और इसे 100 करोड़ रुपये में खरीद लिया गया है।
इन खबरों पर विराम लगाते हुए प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि फिल्म की सफलता के बाद कई बड़े डिजिटल और सैटेलाइट नेटवर्क्स उनसे संपर्क कर रहे हैं और कई आकर्षक ऑफर्स टेबल पर हैं, लेकिन 100 करोड़ रुपये की डील फाइनल होने की बात में पूरी सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई औपचारिक समझौता होगा, मेकर्स खुद आधिकारिक घोषणा करेंगे। फिलहाल उनका पूरा ध्यान फिल्म के थिएट्रिकल रन को बनाए रखने पर है।

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‘थिएटर में देखने की अपील’: आखिर क्यों OTT पर नहीं उतारना चाहते मेकर्स?
आमतौर पर बॉक्स ऑफिस पर मुनाफा कमाने के बाद निर्माता अपनी फिल्मों को 4 से 8 हफ्तों के भीतर OTT प्लेटफॉर्म्स पर उतारकर डिजिटल राइट्स से भी मोटी रकम वसूलने की जल्दी में रहते हैं। लेकिन ‘हनुमान अंश’ के मेकर्स की रणनीति बिल्कुल अलग है। रागिनी सोना और उनकी टीम लगातार दर्शकों से अपील कर रही है कि वे इस फिल्म को OTT के बजाय सिनेमाघरों के बड़े पर्दे पर ही देखें।
रागिनी सोना का मानना है कि ‘हनुमान अंश’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और भावनात्मक यात्रा है। फिल्म में नीम करोली बाबा की महिमा, आस्था और भक्ति का जो माहौल बुना गया है, उसका असली प्रभाव केवल और केवल सिनेमाघर की अंधेरी हॉल, बड़ी स्क्रीन और शानदार साउंड सिस्टम पर ही महसूस किया जा सकता है।
‘OTT पर वो मजा नहीं मिलेगा जो थिएटर में है’
अपने बयान में रागिनी सोना ने साफ कहा, “आज का दर्शक आसानी से घर बैठे कंटेंट देखना चाहता है, और यह सच है कि भविष्य में एक तय समय के बाद फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म पर आना ही होगा। लेकिन जो दर्शक इसे घर में टीवी, लैपटॉप या मोबाइल की छोटी स्क्रीन पर देखेंगे, वे उस सामूहिक ऊर्जा और भक्ति भाव को महसूस नहीं कर पाएंगे जो इस समय सिनेमाघरों में गूंज रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि जब सैकड़ों लोग एक साथ बैठकर थिएटर में ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के जयकारे लगाते हैं और नीम करोली बाबा के प्रसंगों से भावुक होते हैं, तो वह अनुभव किसी भी डिजिटल स्क्रीन पर दोबारा तैयार नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि मेकर्स फिलहाल फिल्म को सिनेमाघरों में ज्यादा से ज्यादा हफ्तों तक चलाए रखना चाहते हैं और किसी भी OTT रिलीज में जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं।
आस्था और कंटेंट की ऐतिहासिक जीत
‘हनुमान अंश’ की सफलता यह साबित करती है कि भारतीय दर्शक आज भी मजबूत विषय-वस्तु, सादगी और सच्ची आस्था से जुड़ी कहानियों को सिर-आंखों पर बिठाने के लिए तैयार हैं। बिना किसी भारी-भरकम वीएफएक्स (VFX) और मल्टी-करोड़ मार्केटिंग कैंपेन के, फिल्म ने ‘माउथ पब्लिसिटी’ (Word of Mouth) के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
जब तक सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ उमड़ती रहेगी, तब तक दर्शक इसे बड़े पर्दे पर ही देख पाएंगे। ऐसे में जो लोग इस फिल्म के घर बैठे OTT पर आने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें शायद अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ेगा।

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