वंदे मातरम विवाद पर पूर्व सीएम ने भाजपा की मंशा पर उठाए सवाल, विधानसभा में विपक्षी विधायकों के लिए दरवाजे बंद करने और स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर रोक का भी विरोध
जयपुर। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी विवाद के बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए उसकी मंशा पर सवाल खड़े किए। गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता इस मुद्दे को लेकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
गहलोत ने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा, “आजादी के बाद कई सालों तक इन्होंने ‘वंदे मातरम’ क्यों नहीं गाया? आरएसएस मुख्यालय पर आजादी के 50 साल तक तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया?”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता लंबे समय से ‘वंदे मातरम’ गाते आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आजादी की लड़ाई के दौरान इस गीत ने अंग्रेजों के खिलाफ लोगों में जोश पैदा किया और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विधानसभा के दरवाजे बंद करने पर सरकार को घेरा
गहलोत ने विधानसभा में विपक्षी विधायकों के साथ कथित व्यवहार को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद पक्ष और विपक्ष के मुद्दों को लेकर अजीब स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा के बाहर कांग्रेस के विधायक खड़े थे, लेकिन उनके लिए दरवाजे बंद रखे गए। गहलोत के मुताबिक, अगर दरवाजा खोल दिया जाता तो यह विवाद ही नहीं बनता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार विपक्ष के विधायकों के लिए विधानसभा के दरवाजे नहीं खोल सकती, तो आम जनता सरकार से क्या उम्मीद करेगी?
स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर रोक का विरोध
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्कूलों में मीडिया की एंट्री को लेकर जारी पाबंदी के आदेश को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह आदेश तत्काल वापस लेना चाहिए।
गहलोत ने कहा कि स्कूलों में मीडिया की मौजूदगी पर इस तरह की रोक का मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जाने और वहां की गतिविधियों की जानकारी लेने को लेकर अनावश्यक रोक-टोक नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे आदेशों से सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। गहलोत ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने विधानसभा में दो दिन तक प्रदर्शन भी किया है।


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