मंडोर में दिखी सियासत से परे रिश्तों की गर्मजोशी: आमने-सामने आए गजेंद्र सिंह शेखावत और हनुमान बेनीवाल, गर्मजोशी से गले मिले
जोधपुर। नगर निगम चुनाव के प्रचार अभियान के अंतिम दौर में बुधवार को जोधपुर के मंडोर क्षेत्र में सियासत से अलग एक बेहद दिलचस्प और आत्मीय नजारा देखने को मिला। राजनीतिक मतभेदों और कई मुद्दों पर तीखी बयानबाजी के बावजूद जब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता गजेंद्र सिंह शेखावत आमने-सामने आए, तो दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का अभिवादन किया और गर्मजोशी से गले मिले।

चुनाव प्रचार के दौरान अचानक हुई मुलाकात
जानकारी के अनुसार, दोनों नेता नगर निगम चुनाव में अपनी-अपनी पार्टी और प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क एवं चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान मंडोर क्षेत्र में दोनों नेताओं के काफिले अचानक आमने-सामने आ गए।
मुलाकात अप्रत्याशित थी, लेकिन दोनों नेताओं ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को एक पल के लिए किनारे रखते हुए आत्मीयता का परिचय दिया। एक-दूसरे को देखकर दोनों मुस्कुराए और फिर गर्मजोशी के साथ गले मिले। वहां मौजूद लोगों के लिए भी यह दृश्य खासा चर्चा का विषय बन गया।
संसद से सड़क तक रहे हैं राजनीतिक मतभेद
राजनीतिक गलियारों में गजेंद्र सिंह शेखावत और हनुमान बेनीवाल को अक्सर एक-दूसरे के राजनीतिक विरोधी के रूप में देखा जाता है। दोनों नेता विभिन्न मुद्दों पर सार्वजनिक मंचों और राजनीतिक बहसों में एक-दूसरे पर तीखे हमले करते रहे हैं।
हाल ही में संसद के भीतर मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित करने के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। ऐसे में मंडोर में दोनों नेताओं की यह आत्मीय मुलाकात सियासी चर्चाओं के बीच एक अलग संदेश देती नजर आई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
मंडोर में हुई इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में हैं। चुनावी माहौल में जहां आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी चरम पर है, वहीं दो राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का इस तरह गर्मजोशी से मिलना लोगों को काफी पसंद आ रहा है।
लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर
इस मुलाकात ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राजनीति में विचारधाराओं और नीतियों को लेकर मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत रिश्ते, आपसी सम्मान और शिष्टाचार लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती हैं।
मंडोर में गजेंद्र सिंह शेखावत और हनुमान बेनीवाल की यह मुलाकात सियासत से परे आपसी रिश्तों की सादगी और लोकतांत्रिक मर्यादा की एक खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आई है।

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