नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम की घोषणा कर दी है। नई टीम में राजस्थान के दो वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि राजस्थान से राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में कुल 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महामंत्री शामिल किए गए हैं। इसके अलावा बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है।

राजस्थान के दो नेताओं को अहम जिम्मेदारी
राजस्थान के लिहाज से भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में वसुंधरा राजे और सतीश पूनिया की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी संगठन में उनकी भूमिका बरकरार रहेगी, वहीं सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने से राजस्थान के संगठनात्मक नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी मिली है।
13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की नियुक्ति
भाजपा की नई टीम में वसुंधरा राजे के अलावा उत्तराखंड से तीरथ सिंह रावत, दिल्ली से राम माधव, ओडिशा से बैजयंत जय पांडा, आंध्र प्रदेश से डी. पुरंदेश्वरी, उत्तर प्रदेश से रेखा वर्मा, गुजरात से वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, महाराष्ट्र से डॉ. भारती प्रवीन पवार, पंजाब से सरदार मनप्रीत सिंह बादल, मध्य प्रदेश से लाल सिंह आर्य और कर्नाटक से प्रो. एम. नागराजा सहित अन्य नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
राष्ट्रीय महामंत्री पद पर 8 नेताओं को जिम्मेदारी
राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर राजस्थान से डॉ. सतीश पूनिया के अलावा महाराष्ट्र से विनोद तावड़े, दिल्ली से सुनील बंसल, त्रिपुरा से बिप्लब कुमार देब, उत्तर प्रदेश से स्मृति ईरानी, मध्य प्रदेश से गजेंद्र पटेल, उत्तर प्रदेश से हरीश द्विवेदी और हरियाणा से संजय भाटिया को शामिल किया गया है।
वहीं बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। संगठन में शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है।
राजस्थान में बढ़ी राष्ट्रीय संगठनात्मक भूमिका
वसुंधरा राजे और सतीश पूनिया को राष्ट्रीय टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से राजस्थान भाजपा की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका और मजबूत हुई है। दोनों नेताओं का पार्टी संगठन और प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। नई जिम्मेदारियों के साथ अब दोनों नेताओं की भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

Leave a Reply