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भोपलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद OBC ओपन, आरक्षण के बाद बदले राजनीतिक समीकरण |

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जोधपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों को लेकर लंबे समय से चल रही तैयारियों के बीच अब अध्यक्ष पदों के आरक्षण की तस्वीर साफ होने जा रही है। स्वायत्त शासन विभाग, जयपुर की ओर से निकाली जाने वाली आरक्षण लॉटरी के बाद प्रदेश की 309 नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, इसका फैसला होगा। इसी के साथ स्थानीय स्तर पर चुनावी दावेदारों और राजनीतिक दलों की सक्रियता भी तेज होने की संभावना है।

भोपलगढ़ में पहली बार नगर पालिका चुनाव, अध्यक्ष पद OBC ओपन

भोपलगढ़ के लिए सामने आई जानकारी के अनुसार नगर पालिका अध्यक्ष पद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए ओपन रखा गया है। ऐसे में OBC वर्ग के संभावित दावेदारों के लिए अध्यक्ष पद की चुनावी दौड़ का रास्ता खुल गया है।

भोपलगढ़ को ग्राम पंचायत से क्रमोन्नत कर नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। इसके बाद यहां पहली बार नगर पालिका के रूप में निकाय चुनाव होने जा रहे हैं। यही वजह है कि इस चुनाव को स्थानीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

करीब 12 साल बाद मतदाताओं को नगर पालिका चुनाव का इंतजार

भोपलगढ़ में पंचायत स्तर के चुनाव नहीं होने के कारण लंबे समय से मतदाता स्थानीय चुनावी प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे। अब नगर पालिका बनने के बाद पहली बार निकाय चुनाव होने से स्थानीय राजनीति में भी नई हलचल देखने को मिल सकती है।

आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। OBC ओपन सीट होने के कारण इस वर्ग से कई नाम सामने आने की संभावना है। अलग-अलग राजनीतिक दलों के स्तर पर भी संभावित प्रत्याशियों को लेकर मंथन तेज हो सकता है।

आरक्षण के बाद बदलेंगे राजनीतिक समीकरण

नगर पालिका अध्यक्ष पद का आरक्षण स्पष्ट होने के साथ ही स्थानीय राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल सकते हैं। संभावित दावेदार अपने सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत संपर्कों को मजबूत करने में जुट सकते हैं।

पार्टी स्तर पर टिकट के लिए दावेदारी पेश करने वाले नेताओं की संख्या भी बढ़ सकती है। वहीं लंबे समय से चुनावी तैयारी कर रहे कार्यकर्ताओं और संभावित प्रत्याशियों के बीच गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

जोधपुर जिले की चार क्रमोन्नत नगर पालिकाओं में पहली बार चुनाव

सामने आए विवरण के मुताबिक जोधपुर जिले में जोधपुर नगर निगम के अलावा 6 नगर पालिकाएं हैं। इनमें भोपलगढ़, बालेसर, तिंवरी और मथानिया को पंचायत से क्रमोन्नत कर नगर पालिका बनाया गया है और इन चारों में पहली बार निकाय चुनाव होने जा रहे हैं।

आरक्षण व्यवस्था के अनुसार—

  • बालेसर नगर पालिका अध्यक्ष पद — OBC महिला
  • मथानिया नगर पालिका अध्यक्ष पद — SC महिला
  • भोपलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद — OBC ओपन
  • तिंवरी नगर पालिका अध्यक्ष पद — SC ओपन

इस आरक्षण व्यवस्था के सामने आने के बाद इन नगर पालिकाओं में चुनावी गतिविधियां और अधिक तेज होने की संभावना है।

भोपलगढ़ में किसके पक्ष में जाएगा समीकरण?

भोपलगढ़ में OBC ओपन अध्यक्ष पद होने के कारण अब सबसे ज्यादा चर्चा संभावित OBC दावेदारों को लेकर होगी। आरक्षण की घोषणा के बाद स्थानीय स्तर पर अलग-अलग सामाजिक एवं राजनीतिक समूह अपने-अपने संभावित प्रत्याशियों को लेकर सक्रिय हो सकते हैं।

हालांकि अध्यक्ष पद पर अंतिम मुकाबला किसके बीच होगा, यह चुनाव कार्यक्रम, वार्ड आरक्षण, राजनीतिक दलों के टिकट वितरण और प्रत्याशियों की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

वार्ड आरक्षण के बाद तस्वीर होगी और साफ

अध्यक्ष पद का आरक्षण सामने आने के बाद अब वार्डों के आरक्षण और चुनाव कार्यक्रम पर भी नजर रहेगी। वार्डवार आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद संभावित प्रत्याशी अपने चुनावी क्षेत्र और रणनीति को अंतिम रूप दे सकेंगे।

भोपलगढ़ में पहली बार नगर पालिका चुनाव होने के कारण स्थानीय मुद्दे भी चुनावी राजनीति का अहम हिस्सा बन सकते हैं। सड़क, पानी, सफाई, बिजली, नाली, यातायात, बाजार व्यवस्था और नगर पालिका क्षेत्र के विकास जैसे मुद्दों पर प्रत्याशी मतदाताओं के बीच पहुंच बना सकते हैं।

लॉटरी के बाद चुनावी मैदान में बढ़ेगी हलचल

अध्यक्ष पद के आरक्षण की तस्वीर सामने आने के साथ ही भोपलगढ़ की स्थानीय राजनीति में नई संभावनाएं बन गई हैं। OBC ओपन सीट ने इस वर्ग के कई संभावित दावेदारों के लिए रास्ता खोल दिया है।

अब सभी की नजरें आगामी चुनाव प्रक्रिया, वार्ड आरक्षण और राजनीतिक दलों द्वारा घोषित किए जाने वाले प्रत्याशियों पर रहेंगी। आरक्षण के बाद शुरू होने वाली राजनीतिक गतिविधियां आने वाले नगर पालिका चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

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