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बावड़ी में फसल बीमा योजना में कथित फर्जीवाड़े की जांच की मांग, किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन

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फसल बीमा योजना में कथित फर्जी पॉलिसी और क्लेम का आरोप, भारतीय किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन

राजस्व रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़, सरकारी भूमि व रास्तों से जुड़े मामलों की भी उच्च स्तरीय जांच की मांग

बावड़ी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कथित अनियमितताओं, फर्जी बीमा पॉलिसियों एवं क्लेम तथा राजस्व रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर भारतीय किसान संघ ने उपखंड अधिकारी, बावड़ी को ज्ञापन सौंपा। संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन में बताया कि क्षेत्र के किसानों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का वास्तविक लाभ पात्र किसानों तक पहुंचने के बजाय कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से रिश्तेदारों एवं परिचितों के नाम पर पॉलिसियां बनाकर योजना का दुरुपयोग किया जा रहा है। संघ ने इन शिकायतों की गहन जांच करवाने की मांग की है।

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रबी 2025 में फर्जी बटाईदार पॉलिसियों का आरोप

संघ ने रबी सीजन 2025 के संबंध में आरोप लगाया कि बावड़ी क्षेत्र के रामला ई-मित्र/CSC सेंटर से जुड़े संचालक द्वारा कथित रूप से अपने रिश्तेदारों के नाम पर गेहूं की फर्जी बटाईदार पॉलिसियां तैयार कराई गईं। संघ का कहना है कि संबंधित मूल गिरदावरी में गेहूं की फसल बोई जाना दर्ज नहीं होने के बावजूद लाखों रुपये के बीमा क्लेम उठाए जाने की शिकायत सामने आई है।

संघ ने संबंधित बीमा पॉलिसियों, गिरदावरी, फसल कटाई प्रयोग और क्लेम भुगतान का आपस में मिलान करवाकर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।

एक ही खसरे पर दो पॉलिसियों का मामला उठाया

खरीफ सीजन 2025 में एक ही खसरा संख्या पर कथित रूप से दो अलग-अलग बीमा पॉलिसियां बनाए जाने का मामला भी ज्ञापन में उठाया गया। संघ का आरोप है कि एक ही भूमि पर बटाईदार और खातेदार के नाम से अलग-अलग पॉलिसियां बनाकर बीमा क्लेम प्राप्त किया गया।

किसान संघ ने पूरे मामले की पॉलिसीवार, खसरावार और गिरदावरी के आधार पर जांच करवाने की मांग की है।

20 अगस्त की शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी मांगी

ज्ञापन में 20 अगस्त 2026 को मांगीलाल पुत्र मुकनाराम, निवासी बावड़ी द्वारा प्रस्तुत शिकायत का भी उल्लेख किया गया। संघ ने प्रशासन से उक्त शिकायत पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने तथा मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।

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सरकारी भूमि और रास्तों के रिकॉर्ड की भी जांच की मांग

भारतीय किसान संघ ने राजस्व विभाग से जुड़े मामलों को भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया। संघ के अनुसार, कार्यालय उपखंड अधिकारी बावड़ी द्वारा 30 मार्च 2026 को ग्राम बावड़ी चक प्रथम की सरकारी भूमि से संबंधित खसरा नंबरों का सीमांकन एवं अतिक्रमण चिन्हित करने के निर्देश दिए गए थे।

संघ का आरोप है कि निर्देशों के अनुसार सभी संबंधित खसरों का सीमांकन एवं अतिक्रमण चिन्हित करने के बजाय कार्रवाई केवल कुछ खसरों तक सीमित रही। संघ ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच करवाने की मांग की है।

राजस्व वाद और शुद्धि पत्र प्रकरण की जांच की मांग

राजस्व वाद संख्या 98/2014 चंचल चंद बनाम लक्ष्मी वगैरह से संबंधित शुद्धि पत्र के मामले को भी ज्ञापन में उठाया गया है। संघ ने संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, आदेशों और शुद्धि पत्र जारी करने की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग की।

संघ ने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत दबाव बनाया गया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

खसरा संख्या 1130 के रिकॉर्ड की जांच की मांग

ज्ञापन में खसरा संख्या 1130, बावड़ी चक प्रथम से जुड़े पुराने एवं वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड, जमाबंदी और नक्शे में सरकारी हिस्से तथा पुराने रास्ते को लेकर भी जांच की मांग की गई है।

किसान संघ का कहना है कि ग्रामीणों के आवागमन के लिए लंबे समय से उपयोग में रहे रास्ते एवं सरकारी भूमि से संबंधित रिकॉर्ड में हुए कथित बदलावों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

भारतीय किसान संघ ने कहा कि किसानों की मेहनत की कमाई और सरकारी योजनाओं के धन का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की सुरक्षा के लिए है, न कि कथित फर्जी पॉलिसियों और क्लेम के माध्यम से अनुचित लाभ लेने के लिए।

संघ ने प्रशासन से मांग की कि संदिग्ध पॉलिसियों और क्लेम की जांच के साथ-साथ राजस्व रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं की भी स्वतंत्र जांच करवाई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी, ई-मित्र/CSC संचालक अथवा अन्य व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

संघ ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो किसानों के हित में आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

भारतीय किसान संघ ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्च स्तरीय जांच करवाकर वास्तविक दोषियों को कानून के दायरे में लाने और किसानों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास कायम रखने की मांग की है।

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