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खेड़ापा थाने में युवक से कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार का आरोप, ग्रामीणों ने सौंपे ज्ञापन

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बावड़ी। जोधपुर जिले के खेड़ापा थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर एक युवक को कथित रूप से अवैध तरीके से थाने में रोककर मारपीट एवं अमानवीय व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर सोयला क्षेत्र के ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने बावड़ी उपखंड अधिकारी जवाहर राम चौधरी और भोपालगढ़ वृत्ताधिकारी गुलाब राम को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

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ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, सोयला निवासी मुन्नाराम को 15 सितंबर से 18 सितंबर के बीच खेड़ापा थाने में पदस्थापित पुलिसकर्मी महिपाल और प्रकाश द्वारा कथित तौर पर करीब तीन दिन तक थाने में रोककर रखा गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस दौरान मुन्नाराम के साथ गंभीर मारपीट की गई और उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि युवक के साथ थाने में बेहद गंभीर और अमानवीय व्यवहार किया गया तथा कथित तौर पर उसे पेशाब पिलाने जैसी घटना भी हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष रखी है।

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ग्रामीणों के मुताबिक, कथित मारपीट के बाद मुन्नाराम की मानसिक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और उसका उपचार जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले को जोधपुर पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी रखा गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

सोयला से पहुंचे ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने बावड़ी उपखंड अधिकारी जवाहर राम चौधरी को ज्ञापन सौंपकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। ग्रामीणों ने कथित पुलिस ज्यादती की निष्पक्ष जांच करवाने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

उपखंड अधिकारी चौधरी ने ग्रामीणों को मामले की पूरी जानकारी लेकर निष्पक्ष जांच करवाने का आश्वासन दिया।

भोपालगढ़ सीओ से भी कार्रवाई की मांग

इसके बाद ग्रामीणों ने भोपालगढ़ वृत्ताधिकारी गुलाब राम को भी ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और मामले में दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि आगामी पांच दिनों में मुन्नाराम को न्याय नहीं मिला, तो मजबूरन खेड़ापा पुलिस थाने का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की होगी।

निष्पक्ष जांच की मांग

ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराई जाए, कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच हो और यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ संबंधित आपराधिक धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद ग्रामीणों की नजर आगामी कार्रवाई पर है। घटना से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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