व्हाट्सएप की ‘दोस्ती’ और कड़कड़डूमा का बुलावा
पीड़ित युवक 28 वर्षीय रामकृष्ण ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 14 सितंबर को एक अज्ञात महिला ने व्हाट्सएप के जरिए उससे संपर्क साधा। शुरुआती बातचीत काफी सामान्य और दोस्ताना रही, जिससे युवक के मन में किसी तरह का कोई संदेह पैदा नहीं हुआ। कुछ समय बातचीत चलने के बाद महिला ने आमने-सामने मिलने का प्रस्ताव रखा।
महिला ने रामकृष्ण को कड़कड़डूमा मेट्रो स्टेशन के पास मिलने के लिए बुलाया। युवक नियत समय पर वहां पहुंचा, जहां महिला से उसकी मुलाकात हुई। इसके बाद महिला उसे आनंद विहार स्थित एक निजी रेस्टोरेंट ले गई। शुरुआत में सब कुछ बेहद सामान्य लग रहा था, लेकिन रेस्टोरेंट की चौखट पार करते ही पूरी पटकथा बदल गई।
21 हजार का बिल और विरोध पर मारपीट
रेस्टोरेंट में सामान्य खानपान के बाद जब टेबल पर बिल आया, तो रामकृष्ण के होश उड़ गए। बिल की कुल रकम करीब 21,000 रुपये थी। पीड़ित का कहना था कि उन्होंने जो कुछ भी मंगाया था, उसकी कीमत किसी भी सूरत में इतनी नहीं हो सकती थी। युवक ने सीधे तौर पर इस बिल का विरोध किया और इतनी बड़ी रकम चुकाने से इनकार कर दिया।
बिल पर सवाल उठाते ही रेस्टोरेंट का माहौल तनावपूर्ण हो गया। रामकृष्ण के अनुसार, रेस्टोरेंट के कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब युवक अपनी बात पर अड़ा रहा, तो उसके साथ गाली-गलौज, गंभीर धमकियां और मारपीट शुरू कर दी गई।
नकद, UPI और ATM कार्ड छीनकर निकासी
रामकृष्ण के मुताबिक, बंधक जैसी स्थिति में उससे पैसे वसूलने का सिलसिला शुरू हुआ:
- पीड़ित ने घबराकर मौके पर मौजूद 8,000 रुपये नकद सौंपे।
- आरोपियों ने उससे 6,000 रुपये UPI के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए।
- इतने पर भी वे संतुष्ट नहीं हुए और युवक का ATM कार्ड व उसका गुप्त पिन (PIN) जबरन छीन लिया।
- कार्ड के जरिए बैंक खाते से करीब 11,000 रुपये और निकाल लिए गए।
इस तरह मनमाने बिल के नाम पर युवक की जेब से हजारों रुपये ऐंठ लिए गए। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़ित सीधे आनंद विहार थाने पहुंचा और पुलिस को आपबीती सुनाई।

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CCTV फुटेज से दो गिरफ्तार, महिला अभी फरार
शिकायत दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई और रेस्टोरेंट व आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी जांच और पीड़ित की पहचान के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया:
- मोहम्मद अरशदुल्लाह आलम: जो उक्त रेस्टोरेंट के प्रबंधन/कामकाज से जुड़ा हुआ था।
- अमन गुर्जर: जो रेस्टोरेंट में बाउंसर के रूप में काम कर रहा था और युवक को डराने-धमकाने में शामिल था।
पुलिस के अनुसार, इन दोनों आरोपियों ने युवक को घेरने, धमकाने और जबरन पैसे वसूलने में सीधी भूमिका निभाई थी। हालांकि, जाल बिछाने वाली मुख्य सूत्रधार महिला घटना के बाद से फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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संगठित सिंडिकेट की आशंका और सावधानी की सलाह
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित सिंडिकेट का हिस्सा हो सकती है। ऐसी महिलाएं व्हाट्सएप या सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए पुरुषों से संपर्क साधती हैं, उन्हें झांसे में लेकर किसी खास कैफे या रेस्टोरेंट में बुलाती हैं और वहां महंगे बिल के नाम पर कमीशन का खेल चलता है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने पहले कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
विशेषज्ञों और पुलिस का साफ कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन दोस्ती के बाद एकांत या उनके द्वारा सुझाई गई अपरिचित जगहों पर जाने से बचें। यदि कहीं भी बिल को लेकर जबरन वसूली या धमकी का अंदेशा हो, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

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