लवेरा खुर्द के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में माताओं का पुष्प वर्षा से स्वागत, बच्चों ने चरण प्रक्षालन कर लिया आशीर्वाद; साइबर अपराध और मोबाइल के दुष्प्रभावों पर भी किया जागरूक
जोधपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर जहां देशभर के विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं जोधपुर जिले की पंचायत समिति बावड़ी के छोटे से गांव लवेरा खुर्द के एक राजकीय विद्यालय ने भारतीय संस्कारों और मातृ सम्मान की ऐसी अनूठी मिसाल पेश की, जो अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय राङो की ढाणी, लवेरा खुर्द में शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों के जीवन की प्रथम शिक्षिका माँ को विशेष सम्मान दिया गया। विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों की इस अभिनव पहल के तहत विद्यार्थियों की माताओं को विद्यालय में आमंत्रित किया गया, जहां उनका पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
इसके बाद विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के चरण धोकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। माँ के प्रति सम्मान और भारतीय संस्कृति से जुड़े इस भावपूर्ण दृश्य ने कार्यक्रम को बेहद खास और यादगार बना दिया। विद्यालय परिसर में उस समय भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जब बच्चों ने अपनी पहली गुरु और प्रथम शिक्षिका माँ के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
गुरुकुल परंपरा और भारतीय संस्कारों को किया जीवंत
विद्यालय की इस पहल को भारतीय गुरुकुल परंपरा और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नवाचार माना जा रहा है। शिक्षक दिवस पर केवल विद्यालय के शिक्षकों का सम्मान करने के बजाय बच्चों की प्रथम गुरु माँ को सम्मानित करने की इस पहल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
ग्रामीणों और अभिभावकों का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में माता-पिता के प्रति सम्मान, आत्मीयता और संस्कारों को मजबूत करेंगे। साथ ही घर और विद्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
बच्चों को मोबाइल से दूर रखने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की शिक्षा, बेहतर शिक्षण व्यवस्था और उनके सर्वांगीण विकास को लेकर भी विशेष विचार-विमर्श किया गया।
विद्यालय के संस्थाप्रधान भगवानाराम ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए घर और विद्यालय दोनों की सकारात्मक भूमिका बेहद आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को अनावश्यक रूप से मोबाइल के उपयोग से दूर रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट जहां शिक्षा के लिए उपयोगी हैं, वहीं उनका गलत और अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक विकास को प्रभावित कर सकता है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
पुलिस ने दी साइबर अपराध से बचाव की जानकारी
कार्यक्रम में खेड़ापा पुलिस थाना की टीम ने भी सहभागिता निभाई। सहायक उप निरीक्षक चीमनाराम, कांस्टेबल महिपाल एवं कांस्टेबल फूली चौधरी ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया।

पुलिसकर्मियों ने मोबाइल और इंटरनेट का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने, किसी को भी बैंकिंग या निजी जानकारी साझा नहीं करने तथा ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।
माँ का सम्मान और साइबर जागरूकता का अनूठा संगम
शिक्षक दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें माँ के सम्मान, भारतीय संस्कार, बच्चों की बेहतर शिक्षा और साइबर जागरूकता को एक साथ जोड़ा गया।

शिक्षक दिवस पर संस्कारों की अनूठी मिसाल,बच्चों ने मां के चरण पखारकर लिया आशीर्वाद।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। लवेरा खुर्द के इस छोटे से विद्यालय की बड़ी सोच अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
माँ को प्रथम शिक्षक मानकर उनका चरण-वंदन करने की यह पहल आने वाले समय में अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। यह आयोजन एक संदेश देता है कि बच्चों को केवल किताबों की शिक्षा ही नहीं, बल्कि माता-पिता, गुरु और भारतीय संस्कारों के प्रति सम्मान की शिक्षा देना भी उतना ही जरूरी है।
शिक्षक दिवस पर लवेरा खुर्द के विद्यालय की यह अनूठी पहल वास्तव में आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कारों के सुंदर संगम की मिसाल बन गई।

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