भारतीय किसान संघ प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर डिस्कॉम अधिकारियों से की वार्ता, बिजली आपूर्ति सुधारने की मांग
जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, फलौदी, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में कृषि विद्युत आपूर्ति की बिगड़ती स्थिति को लेकर भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक भंवरलाल डेलू सहित वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता की। किसान संघ ने अधिकारियों के सामने बिजली कटौती, ओवरलोड और कृषि फीडरों के ब्लॉक शेड्यूल से जुड़ी समस्याएं रखीं और तत्काल समाधान की मांग की।
वार्ता के दौरान तकनीकी निदेशक वी.के. छंगाणी, मुख्य अभियंता प्रेमसिंह चौधरी, अधीक्षण अभियंता जोधपुर एवं तकनीकी सहायक सहित डिस्कॉम के अधिकारी मौजूद रहे। किसान संघ की ओर से प्रदेश महामंत्री तुलछाराम सिंवर, प्रांत अध्यक्ष माणकराम परिहार, जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश विश्नोई, जिला मंत्री मेघाराम तरड़ सहित विभिन्न तहसीलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
5 से 7 घंटे तक बिजली बंद रहने से कृषि ब्लॉक व्यवस्था प्रभावित
भारतीय किसान संघ ने बताया कि 132/220 केवी जीएसएस से एलडी कट तथा ओवरलोड के चलते कई स्थानों पर एक दिन में लगातार 5 से 7 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहती है। ओवरलोड के कारण अधिकांश जीएसएस को 3 से 4 ब्लॉक में संचालित किया जा रहा है। इससे कृषि विद्युत आपूर्ति का निर्धारित शेड्यूल प्रभावित हो रहा है।

किसानों का कहना है कि उन्हें निर्धारित 6 घंटे का कृषि बिजली ब्लॉक नियमित रूप से नहीं मिल पा रहा है। कई जगह 6 घंटे का ब्लॉक पूरा होने में 10 से 12 घंटे तक का अंतराल लग रहा है, जिससे सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
मूंगफली, कपास, गाजर और अरंडी की फसलें संकट में
पश्चिमी राजस्थान में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खरीफ फसलों की सिंचाई पहले से ही किसानों के लिए चुनौती बनी हुई है। बिजली आपूर्ति में लगातार व्यवधान के चलते मूंगफली, कपास, गाजर, अरंडी सहित अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों के खराब होने और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
किसान संघ ने रखीं ये प्रमुख मांगें
भारतीय किसान संघ ने डिस्कॉम अधिकारियों से मांग की कि पश्चिमी राजस्थान में कृषि विद्युत भार को पूरा करने के लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बिजली खरीदी जाए। इसके साथ ही शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक पीक समय में जरूरत के मुताबिक कृषि लोड को अनुमति देने की मांग की गई।
किसान संघ ने 132/220 केवी जीएसएस पर एलडी और ओवरलोड की समीक्षा कर अनावश्यक एवं अनियमित कटौती रोकने, बैठवासिया 220 और गुमानपुरा में ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ाने का कार्य तेज करने तथा कृषि फीडरों के ब्लॉक शेड्यूल को वास्तविक बिजली उपलब्धता के अनुसार पुनर्गठित करने की मांग भी रखी।
इसके अलावा पांचों जिलों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू कर 132/220 केवी जीएसएस पर अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों की तैनाती और प्रतिदिन समीक्षा की मांग की गई।
डिस्कॉम ने दिया बिजली आपूर्ति सुधारने का आश्वासन
वार्ता के बाद डिस्कॉम अधिकारियों की ओर से बिजली आपूर्ति में सुधार का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी 132 और 220 केवी जीएसएस पर आपूर्ति सुचारू रखने के लिए डिस्कॉम की ओर से अलग से अधिशासी अभियंता लगाए जाएंगे।
इसके अलावा एलडी से समन्वय कर लोड शेडिंग को निश्चित शेड्यूल और रैंडम व्यवस्था के अनुसार करवाने की बात कही गई। निर्धारित ब्लॉक समय में आपूर्ति बाधित होने पर आवश्यकता के अनुसार पीक समय में कृषि लोड की अनुमति दिलाने का भी आश्वासन दिया गया।
डिस्कॉम ने चामू मूलोजी बेरा जीएसएस पर अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने तथा लोहावट में जेईएन के रिक्त पद पर अधिकारी नियुक्त करने की जानकारी भी दी।
भारतीय किसान संघ ने कहा कि खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए यह निर्णायक समय है। ऐसे में बिजली आपूर्ति में लगातार व्यवधान किसानों की खड़ी फसलों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है। संगठन ने डिस्कॉम प्रबंधन से तत्काल कार्रवाई कर किसानों को नियमित, पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण कृषि बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।

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