पूर्व विधायक बोलीं—“सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए”; CI और RO की भूमिका की जांच का आश्वासन
जोधपुर। मथानिया नगर पालिका चुनाव 2026 में नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन समय सीमा समाप्त होने के बाद RO कार्यालय में भाजपा जनप्रतिनिधियों के प्रवेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया। चुनावी प्रक्रिया में कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा RO कार्यालय के बाहर रातभर धरने पर बैठी रहीं। सोमवार देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता का दौर चलता रहा। मंगलवार सुबह प्रशासन की ओर से प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद दिव्या मदेरणा ने धरना समाप्त कर दिया।
3 बजे की समय सीमा के बाद RO कार्यालय में प्रवेश पर सवाल
विवाद की मुख्य वजह नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय सीमा समाप्त होने के बाद RO कार्यालय में कुछ लोगों को प्रवेश दिए जाने को माना जा रहा है। दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि दोपहर 3 बजे नामांकन की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद क्षेत्रीय विधायक और भाजपा प्रत्याशी को RO कार्यालय के भीतर जाने की अनुमति दी गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय थानाधिकारी गेट पर पहुंचकर भाजपा नेताओं को रिसीव कर अंदर लेकर गए, जबकि कार्यालय में पहले से मौजूद कांग्रेस प्रत्याशी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करते हुए उन्हें बाहर निकाल दिया गया।
दिव्या मदेरणा ने सवाल उठाया कि यदि दोपहर 3 बजे के बाद किसी भी व्यक्ति को नामांकन प्रक्रिया के लिए अंदर जाने की अनुमति नहीं थी, तो फिर भाजपा नेताओं को बंद गेट के बाद अंदर कैसे ले जाया गया। उन्होंने इसे चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर सवाल बताया।
सुबह 8:52 बजे भी RO कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी थीं दिव्या
चुनावी प्रक्रिया में कथित भेदभाव के विरोध में दिव्या मदेरणा ने अपना धरना जारी रखा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि सुबह 8:52 बजे भी वह RO कार्यालय के बाहर बैठी हैं और न्याय की लड़ाई जारी है।
दिव्या मदेरणा ने शायराना अंदाज में कहा— “सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल विरोध या हंगामा करना नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित कराना है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रात 3 बजे अधिकारियों ने की वार्ता
धरना स्थल पर रात करीब 3 बजे पुलिस और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों की टीम पहुंची और दिव्या मदेरणा से बातचीत की। हालांकि, शुरुआती वार्ता से संतुष्ट नहीं होने पर मदेरणा ने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद मंगलवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दोबारा उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में दिव्या मदेरणा द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर चर्चा की गई और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण आश्वासन दिए गए।
इन मांगों पर बनी सहमति
1. CI और RO की भूमिका की जांच: विवाद से जुड़े थानाधिकारी (CI) और रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
2. अनावश्यक हस्तक्षेप पर रोक: निकाय चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से किसी भी अनावश्यक हस्तक्षेप को रोकने का आश्वासन दिया गया।
3. अतिरिक्त पर्यवेक्षक नियुक्त होंगे: चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मथानिया और तिंवरी नगर पालिका क्षेत्रों में दो-दो अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे।
4. ADM की निगरानी: आगामी चुनाव प्रक्रिया अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) के सीधे पर्यवेक्षण में संपन्न कराई जाएगी।
लिखित आश्वासन के बाद धरना समाप्त
प्रशासन की ओर से प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने अपना रातभर चला धरना समाप्त कर दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद अब मथानिया और तिंवरी नगर पालिका चुनाव की आगामी प्रक्रिया अतिरिक्त निगरानी और पर्यवेक्षण में कराए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, पूरे घटनाक्रम को लेकर दिव्या मदेरणा की ओर से चुनावी प्रक्रिया में कथित भेदभाव के आरोप लगाए गए हैं, जबकि मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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