जयपुर में जाली नोटों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क ध्वस्त: कांग्रेस नेता के बेटे समेत 4 गिरफ्तार, ₹4.30 लाख की नकली करेंसी बरामद
जयपुर। राजधानी जयपुर में जाली नोटों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित अंतरराष्ट्रीय नकली मुद्रा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। स्पेशल पुलिस टीम और बजाज नगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 500-500 रुपये के 861 जाली नोट, यानी कुल ₹4,30,500 की नकली मुद्रा बरामद की गई है। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ नेता आरसी चौधरी के बेटे साहिल चौधरी का नाम भी शामिल है।
नाकाबंदी के दौरान लग्जरी गाड़ियों से मिली नकली करेंसी
पुलिस के अनुसार, कमिश्नरेट को सूचना मिली थी कि कुछ लोग लग्जरी वाहनों के जरिए नकली नोटों की बड़ी खेप जयपुर लेकर पहुंच रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने शहर में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।
इसी दौरान पुलिस ने एक फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो को रोककर तलाशी ली। तलाशी में दोनों वाहनों से 500 रुपये के कुल 861 जाली नोट बरामद हुए। बरामद नकली मुद्रा की कीमत ₹4 लाख 30 हजार 500 रुपये बताई गई है। पुलिस ने दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है—
- साहिल चौधरी — निवासी सीकर/फतेहपुर, हाल जयपुर
- अंशुल — निवासी रोहतक, हरियाणा
- प्रियांशु — निवासी रोहतक, हरियाणा
- आकाश — निवासी रोहतक, हरियाणा
साहिल चौधरी को लेकर पुलिस की कार्रवाई इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आरसी चौधरी का बेटा बताया जा रहा है। हालांकि, मामले में उसकी भूमिका और नेटवर्क से उसके संबंधों को लेकर पुलिस पूछताछ और जांच जारी है।

ढाका से जयपुर तक पहुंची नकली नोटों की खेप
स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के अनुसार, प्रारंभिक जांच में नकली नोटों का कनेक्शन बांग्लादेश से सामने आया है। पुलिस के मुताबिक नोटों की प्रिंटिंग बांग्लादेश की राजधानी ढाका में की गई और इसके बाद अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए इन्हें भारत लाया गया।
जांच में सामने आया कथित रूट इस प्रकार बताया गया है—
ढाका (बांग्लादेश) → पश्चिम बंगाल/कोलकाता → रोहतक (हरियाणा) → जयपुर (राजस्थान)
पुलिस को संदेह है कि सीमा पार से नकली मुद्रा की खेप पश्चिम बंगाल पहुंचाई गई। इसके बाद इसे हरियाणा के रोहतक लाया गया और वहां से लग्जरी वाहनों के जरिए जयपुर पहुंचाया गया।
रोहतक का अमन राणा बताया जा रहा मुख्य सरगना
पुलिस जांच में रोहतक निवासी अमन राणा का नाम कथित तौर पर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, अमन राणा इस नेटवर्क को ऑपरेट करने में अहम भूमिका निभा रहा है और उसके संपर्क कोलकाता तथा बांग्लादेश से जुड़े लोगों से होने की आशंका है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में भारत के अलग-अलग राज्यों में कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और नकली नोटों की सप्लाई किन शहरों तक की जाती थी।
‘1 लाख के बदले 5 लाख’ की डील का खुलासा
पूछताछ में नकली नोटों की सप्लाई से जुड़ी एक कथित चौंकाने वाली डील भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक गिरोह एक लाख रुपये की असली भारतीय मुद्रा के बदले पांच लाख रुपये की नकली मुद्रा देने की बात कर रहा था।
इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि नेटवर्क बड़े पैमाने पर नकली नोटों को बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा था।
निकाय चुनाव 2026 में खपाने की साजिश का शक
पुलिस जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू आगामी राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस को आशंका है कि नकली मुद्रा को चुनावी माहौल के दौरान स्थानीय बाजार और अन्य गतिविधियों में खपाने की योजना थी।
हालांकि, यह नकली पैसा वास्तव में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था, किन इलाकों में इसे चलाने की योजना थी और क्या इसका चुनावी गतिविधियों से सीधा संबंध था—इन सवालों की जांच अभी जारी है।
नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल?
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि जयपुर में नकली नोटों की सप्लाई किसे की जानी थी। साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि नेटवर्क में राजस्थान के अलावा हरियाणा, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के कितने लोग जुड़े हैं।
जांच एजेंसियां नकली नोटों के स्रोत, सप्लाई चैन, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद इस कथित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंच बनाई जा सकेगी।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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