सीकर में 2.80 लाख रुपये की रिश्वत लेने पहुंची थी अयोध्या साइबर पुलिस की टीम, ACB ने बिछाया जाल
सीकर/अयोध्या। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की सीकर टीम ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के अयोध्या साइबर क्राइम थाने में तैनात एक सब इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने साइबर फ्रॉड के एक मामले में राजस्थान के एक व्यक्ति को जेल भेजने की धमकी देकर उससे रिश्वत की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी पुलिसकर्मियों ने केस से नाम हटाने के एवज में पहले 4 लाख रुपये की मांग की। बाद में 2.80 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। परिवादी ने मामले की शिकायत राजस्थान ACB की सीकर यूनिट से कर दी।

सीकर पहुंची अयोध्या पुलिस, रिश्वत लेते ही ACB ने दबोचा
ACB ने 17 अगस्त को शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद 18 अगस्त को ट्रैप कार्रवाई की गई। आरोप है कि अयोध्या साइबर पुलिस की टीम खुद रिश्वत की रकम लेने सीकर पहुंची।
जैसे ही कांस्टेबल सोहनलाल ने परिवादी से 2.80 लाख रुपये से भरा बैग लिया, पहले से तैयार ACB टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह, कांस्टेबल पवन कुमार त्रिपाठी, कांस्टेबल सोहनलाल और कांस्टेबल गौरव चारग शामिल हैं।

साइबर फ्रॉड केस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी का आरोप
पूरा मामला अयोध्या साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक केस से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि सीकर निवासी व्यक्ति को नोटिस देकर पूछताछ के लिए अयोध्या बुलाया गया था। इसी दौरान उसे साइबर फ्रॉड के मामले में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी गई।
आरोप है कि केस से नाम हटाने के बदले पुलिसकर्मियों ने रकम मांगी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने सत्यापन कर ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।

अयोध्या SSP ने चारों पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड
राजस्थान में हुई ACB की कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद अयोध्या पुलिस महकमे में भी कार्रवाई शुरू हो गई। अयोध्या के SSP गौरव ग्रोवर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
ACB की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे मामले में आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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