कटाणी रास्तों से अतिक्रमण हटाने, आदान अनुदान व फसल बीमा में कथित अनियमितताओं की जांच और विद्युत कनेक्शनों से जुड़ी शिकायतों के समाधान की मांग
बावड़ी/जोधपुर। बावड़ी तहसील क्षेत्र के किसानों एवं आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने बावड़ी उपखंड अधिकारी जवाहर राम चौधरी को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन ने राजस्व, कृषि, आपदा राहत, फसल बीमा, विद्युत एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े कई मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संघ ने संबंधित विभागों को समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकतम सात दिन का समय दिया है।
भारतीय किसान संघ के तहसील उपाध्यक्ष गणेश राम बेनीवाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई कर उसकी लिखित रिपोर्ट किसानों एवं संगठन को उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
कटाणी रास्तों से अतिक्रमण हटाने की मांग
ग्राम पंचायत मानसागर में करीब एक माह से बंद पड़े कटाणी रास्ते को लेकर संघ ने तत्काल राजस्व अधिकारियों की टीम गठित कर मौके का निरीक्षण और निष्पक्ष सीमांकन करवाने की मांग की। रास्ते पर अतिक्रमण या अवरोध पाए जाने पर उसे तत्काल हटाकर किसानों एवं आमजन के लिए आवागमन बहाल करने की मांग की गई।
संघ ने पूर्व में तैयार की गई रिपोर्टों की भी जांच कराने तथा गलत रिपोर्ट या लीपापोती सामने आने पर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी।

गोविंदपुरा स्कूल की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
गोविंदपुरा स्थित राजकीय विद्यालय के खेल मैदान एवं परिसर की सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला भी ज्ञापन में उठाया गया। भारतीय किसान संघ ने भूमि का तत्काल सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने और विद्यालय को भूमि विधिवत सुपुर्द करने की मांग की।
आदान अनुदान मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग
ग्राम जोईंतरा में संवत 2079 के आदान अनुदान वितरण में कथित अनियमितताओं और सरकारी राशि के गबन के आरोपों को लेकर संघ ने उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।
संगठन ने तत्कालीन पटवारी, राम सा ई-मित्र एवं संबंधित लोगों की भूमिका की जांच, अनियमित रूप से भुगतान की गई राशि की वसूली तथा आरोप प्रमाणित होने पर एफआईआर और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही बावड़ी तहसील में संवत 2079 से अब तक हुए आदान अनुदान वितरण का विशेष ऑडिट कराने की मांग भी रखी गई।
फसल बीमा के निरस्त मामलों की दोबारा जांच
रबी 2026 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की ओर से प्रस्तुत व्यक्तिगत सर्वे शिकायतों को कथित तौर पर पर्याप्त जमीनी सत्यापन के बिना निरस्त किए जाने का आरोप लगाते हुए संघ ने सभी निरस्त मामलों की पुनः निष्पक्ष जांच की मांग की।
संघ ने प्रभावित किसानों के खेत स्तर पर दोबारा सर्वे कराने, पात्र किसानों को नियमानुसार बीमा क्लेम दिलाने तथा प्रत्येक किसान को शिकायत निरस्त करने का कारण लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग की। सर्वे या क्लेम निस्तारण में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सर्वेयर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
खरीफ 2025 के तिल फसल बीमा की जांच की मांग
भारतीय किसान संघ ने खरीफ 2025 में तिल फसल बीमा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की भी जांच कराने की मांग की। संगठन ने बीमित क्षेत्रफल और वास्तविक बोए गए क्षेत्रफल का ग्रामवार एवं खसरा-वार मिलान कराने की मांग की।
इसके अलावा बीमा पॉलिसी, प्रीमियम, गिरदावरी, फसल विवरण और क्लेम भुगतान का विशेष ऑडिट कराने तथा संबंधित CSC संचालकों एवं बीमा एजेंटों की भूमिका की जांच की मांग की गई। संघ ने कहा कि जांच में फर्जीवाड़ा प्रमाणित होने पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर और कानूनी कार्रवाई की जाए तथा गलत भुगतान की नियमानुसार वसूली की जाए।
विद्युत कनेक्शनों में कथित अवैध वसूली की जांच
बावड़ी तहसील में सिंगल फेस एवं घरेलू विद्युत कनेक्शनों को लेकर किसानों और उपभोक्ताओं की शिकायतों का हवाला देते हुए संघ ने कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया में कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच की मांग की।
संघ ने मार्च 2026 से पहले जारी सिंगल फेस कनेक्शनों की नामवार एवं ग्रामवार सूची, घरेलू कनेक्शनों की स्वीकृत, जारी एवं लंबित स्थिति तथा लंबित कनेक्शनों के निस्तारण की समय-सीमा सार्वजनिक करने की मांग की।
इसके साथ ही बावड़ी एवं स्वामी ऊमगिरी जी की ढाणी क्षेत्र में नए जीएसएस स्वीकृत करने, फीडर सुधार कार्यों की प्रगति सार्वजनिक करने और लंबित विद्युत कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करवाने की मांग भी की गई।
सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान संघ ने प्रशासन से सभी मामलों में विभागवार समय-सीमा निर्धारित करने और प्रत्येक प्रकरण के लिए जिम्मेदार अधिकारी तय करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि कार्रवाई की लिखित रिपोर्ट भी संगठन एवं संबंधित किसानों को उपलब्ध कराई जाए।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सात दिवस के भीतर प्रभावी एवं संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों के हित में लोकतांत्रिक, संवैधानिक एवं आंदोलनात्मक रास्ता अपनाया जाएगा। इसके बाद संगठन की बैठक आयोजित कर आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। संघ ने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री मेघाराम तरड़ ने कहा कि किसान प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती कृषि लागत और फसल नुकसान के बीच संघर्ष कर रहा है। ऐसे समय में सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितता, फसल बीमा संबंधी शिकायतें, राजस्व मामलों में कथित लीपापोती और विद्युत कनेक्शनों को लेकर सामने आ रही शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ किसानों के अधिकारों, पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

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