Advertisement

राजस्थान निकाय चुनाव: 10,245 वार्डों की आरक्षण लॉटरी पूरी, बदला चुनावी गणित

blank

जयपुर। राजस्थान में आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सोमवार, 17 अगस्त 2026 को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के कुल 10,245 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। लॉटरी के साथ ही विभिन्न वार्डों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य वर्ग के साथ महिला आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट हो गई है।

लॉटरी प्रक्रिया के परिणाम सामने आते ही कई वार्डों में चुनावी समीकरण बदल गए हैं। जिन वार्डों में निवर्तमान पार्षद लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे थे, उनमें से कई अब दूसरी श्रेणी के लिए आरक्षित हो गए हैं। ऐसे में पुराने दावेदारों को पड़ोसी वार्डों में संभावनाएं तलाशनी पड़ सकती हैं। वहीं, आरक्षण अपने पक्ष में आने वाले वार्डों में नए और युवा दावेदारों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है।

blank

जयपुर के 150 वार्डों की लॉटरी ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

राज्य की सबसे बड़ी नगरीय संस्था जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी जिला प्रशासन की निगरानी में निकाली गई। प्रक्रिया के दौरान जिला कलेक्टर संदेश कुमार नायक और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा की मौजूदगी रही। आरक्षण निर्धारण में SC, ST, OBC और सामान्य वर्ग के साथ महिला आरक्षण का भी ध्यान रखा गया।

जयपुर में कुल 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 31 वार्ड शामिल हैं। आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद स्थानीय राजनीति में टिकट के दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।

पुराने दावेदारों को तलाशनी होगी नई जमीन

आरक्षण लॉटरी के बाद सबसे बड़ा असर उन निवर्तमान पार्षदों और संभावित प्रत्याशियों पर पड़ा है, जिनके वार्ड की श्रेणी बदल गई है। कई दावेदार पिछले पांच वर्षों से अपने वार्ड में चुनाव की तैयारी और जनसंपर्क कर रहे थे, लेकिन आरक्षण बदलने से अब उनके सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

दूसरी ओर, जिन वार्डों में आरक्षण उनके अनुकूल आया है, वहां संभावित प्रत्याशियों ने जनसंपर्क तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। राजनीतिक दलों में टिकट के लिए दावेदारों की सक्रियता बढ़ने के साथ ही स्थानीय स्तर पर नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना है।

पंचायत चुनाव से पहले निकाय चुनाव की तैयारी तेज

राजस्थान में पंचायत चुनावों से पहले नगरीय निकाय चुनाव कराने की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में 10,245 वार्डों की आरक्षण लॉटरी को चुनावी प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट होने के बाद अब संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक रणनीति बनाने में जुटेंगे।

PRP NEWS: आरक्षण लॉटरी के बाद अब राजस्थान के नगरीय क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी और तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के टिकट वितरण और दावेदारों की सक्रियता पर सभी की नजर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *