नगर निगम के सभी 100 वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकली, अब साफ हुई चुनावी तस्वीर
जोधपुर। नगर निगम चुनाव को लेकर सोमवार को मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में 100 वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकाली गई। जिला कलेक्टर आलोक रंजन की मौजूदगी में स्कूली बालिका के माध्यम से निकाली गई लॉटरी के बाद नगर निगम के सभी वार्डों का आरक्षण स्पष्ट हो गया है। आरक्षण तय होने के साथ ही चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे दावेदारों की राजनीतिक रणनीति भी बदलने लगी है।
सबसे बड़ा बदलाव मेयर पद के सामान्य होने से माना जा रहा है। मेयर पद सामान्य होने के बाद अब सामान्य वर्ग के साथ-साथ अन्य वर्गों के दावेदारों के लिए भी मेयर पद की दौड़ में उतरने का रास्ता खुल गया है। आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद भाजपा और कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों में संभावित प्रत्याशियों को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

100 वार्डों में ऐसा रहा आरक्षण
लॉटरी के अनुसार अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 13 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें 9 वार्ड एससी वर्ग तथा 4 वार्ड एससी महिला के लिए रखे गए हैं।
अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 2 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड संख्या 04 एसटी महिला और वार्ड संख्या 06 एसटी वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 20 वार्ड निर्धारित किए गए हैं। इनमें 13 सामान्य ओबीसी तथा 7 ओबीसी महिला वार्ड शामिल हैं। ओबीसी के वार्ड 08, 10, 19, 20, 21, 36, 50, 53, 62, 65, 70, 74 और 92 हैं। वहीं ओबीसी महिला के लिए वार्ड 29, 30, 41, 60, 61, 89 और 90 आरक्षित किए गए हैं।
34 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित
आरक्षण प्रक्रिया के बाद कुल 34 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। इनमें एससी, एसटी और ओबीसी महिला वार्डों के साथ सामान्य महिला वार्ड भी शामिल हैं। आरक्षण के कारण कई मौजूदा पार्षदों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों को अब अपने वार्ड के बजाय दूसरे वार्डों की ओर रुख करना पड़ सकता है।
43 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए
सभी आरक्षण श्रेणियों को अलग करने के बाद 43 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए बचते हैं। इनमें वार्ड संख्या 5, 7, 9, 15, 16, 17, 18, 22, 23, 25, 27, 28, 31, 37, 38, 40, 42, 43, 45, 47, 49, 54, 55, 58, 63, 64, 66, 67, 69, 72, 73, 75, 77, 79, 80, 81, 82, 84, 93, 94, 96, 98 और 100 शामिल हैं।
राजनीतिक समीकरण बदलने के आसार
आरक्षण की सूची सामने आने के बाद कई वार्डों में स्थानीय राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना है। अब संभावित दावेदार आरक्षण के अनुसार अपनी चुनावी रणनीति तैयार करेंगे। खास तौर पर मेयर पद सामान्य होने के बाद दोनों प्रमुख दलों में दावेदारों की संख्या बढ़ने और टिकट को लेकर अंदरूनी प्रतिस्पर्धा तेज होने के आसार हैं।
नगर निगम चुनाव के लिए आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद अब शहर के 100 वार्डों में चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। दावेदार अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क बढ़ाने के साथ पार्टी स्तर पर टिकट के लिए सक्रिय होंगे।

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